
राजेंद्र शिवाली (राष्ट्रीय दिया समाचार )कोटद्वार
कोटद्वार। स्थानीय पूर्वी खोह नदी खनन माफियाओं के लिए सोना उगल रही है। गारासटन गंज में पुल से ऊपर और नीचे राजस्व विभाग, पुलिस प्रशासन और खनन अधिकारी की शह पर खनन माफिया द्वारा खोह नदी में जेसीबी डालकर निर्धारित मापदंडों का उलंघन कर ढाई से तीन मीटर तक गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं। इसके अलावा नदी के किनारे खोद दिए जाने से आने वाली बरसात में आसपास की भूमि और आवासीय मकानों को भी खतरा पैदा हो गया है। गत माह खनन माफिया द्वारा नदी में अवैध रुप से डम्पर व जेसीबी व पौलेंड डाले जाने पर खनन अधिकारी द्वारा पौलेंड को सीज कर दिया गया था।
गत वर्ष पुल के पास ही खनन माफिया द्वारा खोदे गए गड्ढे में डूबकर एक बच्चे की दर्दनाक मौत भी हो चुकी है। इससे एक वर्ष पूर्व 1924 में झूला पुल के समीप नदी में आई भयंकर बाढ़ में कई घर नदी में बह गए थे। इसके बावजूद भी प्रशासन सबक नहीं सीख पाया है। नाम न लिखने की शर्त पर खनन से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि नदी में खनन कर रहे खनन माफिया का कहना है कि वह संबंधित अधिकारियों को अपनी जेब में रखता है। मेरा कोई कुछ नहीं उखाड़ सकता। पैसा मुंह और आंख बंद रखता है। उधर, निर्धारित दूरी छोड़कर नदी के किनारे खोदे जाने से आसपास बसे लोगों में गहरा आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से आगामी बरसात को देखते हुए पट्टे रद्द करने की मांग की है।

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