
बाबा केदार की नगरी में शीतकाल के दौरान प्रकृति की कठिन चुनौतियों के बीच उत्तराखंड पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान अदम्य साहस और समर्पण की मिसाल पेश कर रहे हैं। धाम में जारी भारी बर्फबारी के बीच जहाँ एक ओर सुरक्षा बल तीर्थस्थल की सुरक्षा का दायित्व निभा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ‘स्वयं की सहायता’ और ‘व्यवस्था प्रबंधन’ के मंत्र को चरितार्थ करते हुए अपने आवास क्षेत्रों से भारी बर्फ हटाने के कार्य में भी जुटे हैं।
दोहरी जिम्मेदारी: सुरक्षा बल न केवल धाम की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि शून्य से नीचे के तापमान में भी निरंतर सक्रिय हैं।
श्रमदान और अनुशासन: बर्फबारी के कारण संपर्क मार्ग और रहने के स्थान (बैरक) बाधित होने पर जवानों ने स्वयं फावड़े उठाकर कई फीट जमी बर्फ को साफ किया, ताकि आपातकालीन सेवाओं में कोई बाधा न आए।
प्रतिकूल परिस्थितियाँ: केदारनाथ की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और कम ऑक्सीजन के बावजूद, जवानों का मनोबल ऊंचा बना हुआ है।
प्रशासन द्वारा इन जवानों के जज्बे की सराहना की गई है। यह उनके उच्च अनुशासन और ‘सेवा परमो धर्म’ के आदर्श वाक्य के प्रति अटूट निष्ठा को दर्शाता है। भारी बर्फबारी के बावजूद सुरक्षा बलों की सतर्कता के कारण धाम में सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं।

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