
राजीव भार्गव(राष्ट्रीय दिया समाचार ) देहरादून
युद्ध काल मे रसोई गैस की निर्बाध सप्लाई को लेकर सरकार और प्रशाशन भले ही लाख दवे कर रही हो लेकिन धरातल पर सरकार और प्रशासन के दवे थोथे नज़र आ रहे है सरकर ने पेट्रोल और डीज़ल की खपत को कम करने के लिए कई घोषणा की थी जिनमे से कुछ अवश्य अमल मे लाई गई उसकी सबसे बड़ी वजह है उनका विकल्प लेकिन रसोई गैस का कोई ठोस विकल्प किसी के पास नहीं है इसी का फायदा गैस एजेंसी मालिक और डिलेवरी बॉय उठा रहे है साहस्त्र धारा रोड पर गैस आपूर्ति की जिम्मेदारी जिलाधिकारी ने अरविंद गैस एजेंसी से हटाकर जीवन ज्योति गैस एजेंसी को दीं है लेकिन जीवन ज्योति गैस एजेंसी के डिलेवरी बॉय आफिस से गैस वितरण की पर्ची लेकर कई कई दिनों तक उपभोक्ता के घर पर गैस आपूर्ति नहीं कर रहे है जिसकी शिकायत कुछ उपभोक्ताओं ने जीवन ज्योति के कार्यालय मे जाकर की लेकिन ढाक के वही तीन पात नज़र आये आपको बता दे की जीवनज्योति गैस एजेंसी और ब्लैक मे गैस बेचने वालों का फेविकोल से भी मजबूत जोड़ है जिसके चलते कुछ माह पहले जिलापूर्ति विभाग ने जीवन ज्योति गैस एजेंसी की गाड़ी को अवैध रूप से रसोई गैस बेचते हुए पकड़ा था लेकिन वो मामला रफा दफा हो गया था जैसे बाद इस गैस एजेंसी के हौसले बुलंद है और गैस उपभोक्ताओं के हक़ की गैस को होज़मोला खा कर हड़प करने मे माहिर हो गये है अब देखना यह है की नव नियुक्त और अपनी बेबाक और कड़क कार्यप्रणाली के मालिक जिलाधिकारी डॉक्टर आशीष चौहान इस खबर का संज्ञान लेकर जीवन ज्योति गैस एजेंसी के नट बोल्ट कब तक टाइट कर गैस उपभोक्ताओं को राहत दिलाते है.

More Stories
शान्ति व्यवस्था भंग करने वाले 2 व्यक्तियो को पुलिस ने किया गिरफ्तार
सार्वजनिक स्थान पर हुड़दंग करने वालो को दून पुलिस ने पढ़ाया कानून का पाठ, 5 लोगो को किया गिरफ्तार
मुख्यमंत्री ने मुख्य सेवक सदन में लेखकों एवं साहित्यकारों से किया संवाद, उत्तराखंड के विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक परिवर्तन में साहित्यकारों की भूमिका पर हुई चर्चा