
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के नेतृत्व में जनपद टिहरी गढ़वाल पुलिस को साइबर अपराध के विरुद्ध एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। *साइबर सेल टिहरी एवं थाना मुनिकीरेती पुलिस की संयुक्त टीम ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाकर ₹4.35 लाख की साइबर ठगी करने वाले एक शातिर साइबर अपराधी को महाराष्ट्र के जिला सतारा से गिरफ्तार किया है।*
दिनांक 12.02.2026 को शिकायतकर्ता निवासी ढालवाला, थाना मुनिकीरेती द्वारा थाना मुनिकीरेती में शिकायत दर्ज कराई गई कि 09.01.2026 को उन्हें व्हाट्सएप वीडियो कॉल के माध्यम से स्वयं को पुलिस अधिकारी बताने वाले व्यक्ति का फोन आया। आरोपी ने शिकायतकर्ता को बताया कि उनके नाम से मुंबई स्थित कैनरा बैंक शाखा में एक बैंक खाता खोला गया है, जिसका उपयोग धोखाधड़ी एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया गया है।
साइबर अपराधियों ने वीडियो कॉल के दौरान पुलिस थाना, वर्दीधारी अधिकारियों एवं कार्यालय जैसे दृश्य दिखाकर शिकायतकर्ता का विश्वास जीत लिया। इसके बाद उन्हें गिरफ्तारी, कानूनी कार्रवाई तथा परिवार की सुरक्षा का भय दिखाते हुए लगातार मानसिक दबाव बनाया गया। भयभीत होकर शिकायतकर्ता ने 13.01.2026 को आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खाते में ₹4,35,000 चेक के माध्यम से जमा कर दिए।
प्रकरण के आधार पर थाना मुनिकीरेती में मु0अ0सं0-21/2026 अंतर्गत धारा 318(4), 351(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) में अभियोग पंजीकृत किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विवेचना साइबर सेल को हस्तांतरित की गई।
विवेचना के दौरान साइबर सेल द्वारा संदिग्ध मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप कॉल, बैंक खातों एवं डिजिटल लेन-देन का गहन तकनीकी विश्लेषण किया गया। पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने पर माननीय न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया गया तथा साइबर सेल एवं थाना मुनिकीरेती की संयुक्त पुलिस टीम महाराष्ट्र रवाना की गई।
*तकनीकी सर्विलांस, पतारसी एवं सुरागरसी के आधार पर पुलिस टीम ने 23.07.2026 को अंकुश राजेन्द्र गाडगे पुत्र राजेन्द्र गाडगे, निवासी ग्राम कोले, थाना कराड तालुका, जिला सतारा, महाराष्ट्र को गिरफ्तार कर लिया।*
पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह USDT (क्रिप्टोकरेंसी) की ऑनलाइन ट्रेडिंग करता है तथा विभिन्न Mule Accounts में प्राप्त साइबर ठगी की धनराशि को USDT में परिवर्तित कर अन्य वॉलेट एवं खातों में स्थानांतरित करता था, जिसके बदले उसे कमीशन प्राप्त होता था।
गिरफ्तार अभियुक्त को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के उपरांत माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों एवं पूरे साइबर नेटवर्क के संबंध में विस्तृत जांच जारी है।
*गिरफ्तार अभियुक्त*
अंकुश राजेन्द्र गाडगे पुत्र राजेन्द्र गाडगे, निवासी ग्राम कोले, थाना कराड तालुका, जिला सतारा, महाराष्ट्र।
*पुलिस टीम*
उ0नि0 संजीव थपलियाल, साइबर सेल
अ0उ0नि0 हरिमोहन, थाना मुनिकीरेती
है0का0 विजय प्रताप, थाना मुनिकीरेती
जनपद टिहरी पुलिस की अपील
📱 यदि कोई व्यक्ति स्वयं को पुलिस, सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग अथवा किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के माध्यम से “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाए, धनराशि ट्रांसफर करने का दबाव बनाए या गोपनीय जानकारी मांगे, तो सतर्क रहें।
✅ घबराएं नहीं।
✅ किसी भी स्थिति में धनराशि ट्रांसफर न करें।
✅ किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खाता, ओटीपी, आधार अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें।
✅ तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कर निकटतम पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।

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