June 4, 2026

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बाहरी राज्यों से फ़र्ज़ी शास्त्र लाइसेंस लेकर उत्तराखंड मे ट्रांसफर कराने वालों पर एस टी एफ की टेढ़ी नज़र,. एक माह की अवधि से हजारों की संख्या में बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित शस्त्र लाइसेंसों का किया जा रहा है सत्यापन,

 

एसटीएफ को प्राप्त गोपनीय सूचनाओं के आधार पर यह तथ्य प्रकाश में आया था कि राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे शस्त्र लाइसेंस प्रचलन में हैं, जो *बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित होकर उत्तराखण्ड की शस्त्र पंजिकाओं में दर्ज किए गए हैं तथा जिनमें फर्जीवाड़े एवं अनियमितताओं की संभावना है। इसी क्रम में एसटीएफ द्वारा विगत लगभग दो माह से विभिन्न राज्यों के जिलाधिकारी कार्यालयों एवं शस्त्र लाइसेंस निर्गमन प्राधिकारियों से हजारों शस्त्र लाइसेंसों का विवरण प्राप्त कर सत्यापन की कार्यवाही की जा रही है।*

*उल्लेखनीय है कि इस अभियान के अंतर्गत एसटीएफ द्वारा पूर्व में भी फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के संबंध में 02 अभियोग पंजीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें 02 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है। पूर्व की कार्रवाई में एक अभियुक्त के कब्जे से फर्जी शस्त्र लाइसेंस, अवैध सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल तथा कारतूस भी बरामद किए गए थे।*

 

*प्रकरण*

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ ने जानकारी देते हुए बताया कि एसटीएफ. द्वारा बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित होकर उत्तराखण्ड की शस्त्र पंजिकाओं में दर्ज किए गए शस्त्र लाईसेन्सों में अनियमितता/फर्जी होने की संभावना के दृष्टिगत जांच की जा रही है। जांच के क्रम में जनपद ऊधमसिंहनगर में संचालित अवैध एवं कूटरचित शस्त्र लाइसेंसों के संबंध में भी महत्वपूर्ण तथ्य प्रकाश में आए हैं। *जांच में पाया गया कि नौशाद हुसैन सहित 10 व्यक्तियों द्वारा जनपद शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश से निर्गत दर्शाए गए शस्त्र लाइसेंसों के आधार पर काशीपुर स्थित गन हाउस से शस्त्र क्रय किए गए थे। एसटीएफ द्वारा संबंधित शस्त्र लाइसेंसों, शस्त्र क्रय-विक्रय अभिलेखों, सत्यापित प्रतियों एवं अन्य दस्तावेजों का परीक्षण किया गया तथा जिलाधिकारी कार्यालय शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश से अभिलेखीय सत्यापन कराया गया। प्राप्त आख्या में यह तथ्य प्रकाश में आया कि संबंधित व्यक्तियों के नाम से कोई शस्त्र लाइसेंस निर्गत नहीं किया गया था तथा प्रस्तुत लाइसेंसों के क्रमांक अन्य व्यक्तियों के नाम पर निर्गत पाए गए। इस प्रकार प्रस्तुत शस्त्र लाइसेंस प्रथम दृष्टया कूटरचित एवं फर्जी पाए गए।*

जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से अपने आधार कार्ड एवं अन्य अभिलेखों में स्थानीय पता जनपद शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश का प्रदर्शित कर कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए गए तथा उन्हीं के आधार पर फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्राप्त कर शस्त्रों की खरीद की गई। उक्त कृत्य प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी, कूटरचना, कूटरचित दस्तावेजों के प्रयोग एवं आपराधिक षड्यंत्र की श्रेणी में पाया गया है।

उपलब्ध साक्ष्यों एवं जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर एसटीएफ द्वारा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में एक नया अभियोग पंजीकृत किया गया है। इस संगठित नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों, एजेंटों, बिचौलियों एवं संभावित लाभार्थियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने बताया कि राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों एवं उनके धारकों का सत्यापन जारी है। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे भी लगातार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक शांति एवं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं तथा ऐसे मामलों में उत्तराखण्ड पुलिस “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।

एसटीएफ द्वारा आमजन से भी अपील की गई है कि यदि किसी व्यक्ति को फर्जी अथवा संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों के संबंध में कोई सूचना प्राप्त होती है तो वह तत्काल एसटीएफ को अवगत कराएं, सूचनाकर्ता का नाम गोपनीय रखा जायेगा।

*एसटीएफ से संपर्क हेतु मो.नं. 9412029536*

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