June 11, 2026

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समाज के लिए प्रेरणा बनकर उभरी मित्र पुलिस. खून का रिश्ता नहीं था, फिर भी फर्ज निभा गए, एक यूनिट रक्त देकर आरक्षी परमजीत सिंह किसी की जिंदगी बचा गए।”

राजेंद्र शिवाली (राष्ट्रीय दिया समाचार ) कोटद्वार

खुदी को कर बुलंद इतना,की हर तदबीर से पहले !

खुदा बन्दे से ऐ पूछे,की तेरी रज़ा क्या है !!

यह शेर भले ही किसी ने भी और किसी के लिए भी लिखा हो लेकिन यह शेर उत्तराखंड के कोटद्वार मे तैनात पुलिस के जवान परमजीत पर सटीक बैठ रही है जहां आज के ज़माने मे किसी को कोई दुवाएं भी नहीं देता वही दूसरी तरफ परमजीत ने अपनी रगो से खून निकलकर दान कर एक व्यक्ति की जान बचा ली आपको बता दे की कोटद्वार बेस अस्पताल में भर्ती किडनी रोग से पीड़ित बुजुर्ग सुरेंद्र अग्रवाल को अत्यंत दुर्लभ रक्त समूह O-नेगेटिव की तत्काल आवश्यकता थी। जैसे ही इसकी सूचना थाना कोटद्वार में नियुक्त आरक्षी परमजीत सिंह को प्राप्त हुई, उन्होंने बिना किसी विलंब के ब्लड बैंक पहुंचकर एक यूनिट रक्तदान किया और जरूरतमंद मरीज की सहायता के लिए आगे आए।

आरक्षी परमजीत सिंह समय-समय पर समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए नियमित रूप से रक्तदान करते रहे हैं। उनका यह सराहनीय कार्य न केवल पुलिस के मानवीय चेहरे को प्रदर्शित करता है, बल्कि समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना का भी परिचायक है।

पौड़ी पुलिस परिवार आरक्षी परमजीत सिंह के इस प्रेरणादायक कार्य की सराहना करता है। उनका यह योगदान यह संदेश देता है कि रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का माध्यम है।

“वर्दी केवल कानून की रक्षा नहीं करती, बल्कि जरूरत पड़ने पर जीवन बचाने का भी संकल्प निभाती है।”

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