October 3, 2026

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काशीपुर का छोटा डाकघर बनता जा रहा है शो पीस,कर्मचारियों द्वारा डाकघर मे आने वाले ग्राहकों को किया जाता है परेशान,कभी सर्वर डाउन तों कभी प्रिंटर खराब का करते है बहाना.!

विकास अग्रवाल काशीपुर के सहयोग से

काशीपुर के किला स्थित छोटा डाकखाना अक्सर ग्राहकों को परेशान करने के नये नये बहाने ढूंढता है डाकघर के कर्मचारी कभी सर्वर नहीं चलने का बहाना बनाते है तो कभी उसका प्रिंटर नहीं चलता है।जी हां, काशीपुर में डाक सेवायें उपलब्ध करवाने के लिए दो डाकखाने हैं। एक बड़ा डाकखाना तथा दूसरा छोटा डाकखाना जोकि बहुत पुराना है और किला मौहल्ले में स्थित है। बड़े डाकखाने में भीड़ होने के कारण और किला मौहल्ले के आसपास रहने वाले लोग अक्सर लोग छोटे डाकखाने जाते हैं। लेकिन कभी वहां का सर्वर डाउन होता है और कभी उसका प्रिंटर काम नहीं करता और कभी लाइट भागी हो तो वहां इंवर्टर या जनरेटर की सुविधा नहीं है जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और उन्हें फिर मजबूर होकर बड़े डाकखाने का रुख करना पड़ता है, जो उनके घर या आफिस से काफ़ी दूर पड़ता है जिससे उनका समय खराब होता है एक समय था जब डाक से जुड़ा सारे कार्यों का भार पोस्ट ऑफिस के ऊपर ही होता था लेकिन अब जहाँ एक तरफ दर्ज़ेनो कोरियर सर्विस इस काम मे अपनी जडे जमाने के बाद हर वर्ष करोड़ो रुपयों का कारोबार कर रही है वही पोस्ट ऑफिस के कर्मचारियों क़ी उदासीनता के चलते ग्राहकों ने पोस्ट ऑफिस से दूरिया बनाते जा रहे है जिसके चलते डाक विभाग अपने कर्मचारियों क़ी मोटी तनख्वाह भी मुश्किल से निकल रहा है अगर देखा जाये तों इसका सबसे बड़ा कारण पोस्ट ऑफिस मे काम करने वाले कर्मचारियों का टल मटोल वाला रवैया है अब देखने का विषय यह है कि क्या वास्तव में छोटे डाकखाने का सर्वर डाउन रहता है या प्रिंटर खराब रहता है। या ऐसा तो नहीं काम ज्यादा देखकर वहां के कर्मचारी सर्वर डाउन होने या प्रिंटर खराब होने का बहाना बना देते हैं। यदि सच में आये दिन सर्वर उाउन रहता है या प्रिंटर खराब रहता है तो विभाग को चाहिए कि वह उक्त डाकखाने के सभी सिस्टम को दुरुस्त रखें। वरना उच्चाधिकारियों का चाहिए कि वे मामले का संज्ञान लेकर जांच कर उचित कार्यवाही करें।

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