
राजीव भार्गव (राष्ट्रीय दिया समाचार) देहरादून
बरसात में नमी और पसीने से फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ गया है। देहरादून के गाँधी शताब्दी अस्पताल में आजकल लाल चकत्ते, खुजली और त्वचा रोग के मरीजों की तादाद बढ़ गई है। इनमें छोटे बच्चे और महिलाओं की संख्या ज्यादा है। एलर्जी और फंगल इंफेक्शन के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डाॅक्टर सावधानी बरतने की हिदायत दे रहे हैं।मंगलवार को गाँधी शताब्दी अस्पताल की ओपीडी में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। त्वचा रोग विभाग में भी एलर्जी का इलाज कराने आए मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई थी। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल आर्य ने बताया कि बारिश के मौसम में एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। उन्होंने बताया की सामान्य मौसम के मुकाबले आजकल दो गुने से भी ज्यादा मरीज आ रहे हैं। दाद, खाज, खुजली के साथ छोटे-छोटे लाल चकत्ते और पपड़ीदार धब्बे पड़ रहे हैं। कान के पास भी लोगों को इंफेक्शन हो रहा है। जरूरी है कि सिरोसिस के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह ली जाए। उन्होंने बताया कि समय पर उपचार और जीवनशैली में बदलाव से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।डॉक्टर आर्य ने बताया की बरसात के मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य व उनकी साफ-सफाई को लेकर विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। बच्चे नाक, मुंह में हाथ डालते रहते हैं। ऐसे में वे फंगल इंफेक्शन की चपेट में आ जाते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
– शरीर पर छोटे-छोटे चकत्ते, दाद, फुंसी दिखाई देने पर डाॅक्टर की सलाह लें।– घरों के गददे, चादर, तकिए और पहने जाने वाले कपड़ों को धूप में सुखाएं।
– बारिश में भीगने के बाद शरीर को सूखे कपड़े से पोछें।– छोटे बच्चों को बारिश के पानी में भीगने से मना करें।
– बरसाती पानी में भीगने के बाद पैरों को अच्छी तरह धोएं।

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