May 6, 2026

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भय बिन प्रीत ना होये गोपाला ,सीधी ऊँगली से घी नहीं निकला तो डीएम ने टेढ़ी की ऊँगली, एक साल से धक्के कहा रही किरण का तीन मे हुआ दाखिल खारिज !

कहावत है की भय बिन प्रीत ना होये गोपाला जब सीधी ऊँगली से घी नहीं निकलता तो ऊँगली को टेढ़ा करना है पड़ता है जिलाधिकारी देहरादून अपने कड़क अंदाज़ के लिए पहचनाने जाते है सविन बंसल के कड़क फरमान समय समय पर शोशल मीडिया और अखबारों मे देखने को मिलते रहते है सविन बंसल के इसी अंदाज़ की चर्चा आज दिन भर सुनने को मिलती रही जब एक महिला एक साल से तहसील के चककर काट रही थी लेकिन उसका दाखिल खारिज नहीं हो pa रहा था मजबूरी मे ओगल भट्टा निवासी किरन देवी ने 01 अगस्त 2025 को जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी सविन बसंल को फरियाद सुनाते हुए बताया कि उनके पति अर्द्धसैनिक बल में कार्यरत हैं तथा उन्होंने जून 2024 में भूमि क्रय की किन्तु 1 वर्ष के बाद भी भूमि उनके नाम दाखिल खारिज नही हुआ है। दाखिल खारिज के एवज में वकील, पीएनबी एजेंट ने आदि सभी बरगला रहे हैं तथा काई सही जवाब नही दे रहे है।

जिलाधिकारी के संज्ञान में आते ही उन्होंने तहसीलदार विकास से उसी दिन अद्यतन रिपोर्ट तलब की जिस पर वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए डीएम के निर्देश पर महिला के नाम 03 दिन के भीतर दाखिल खारिज आदेश करते हुए भूमि महिला के नाम अंकित हो गई।

किरन ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई थी उनके द्वारा शीशमबाड़ा में जून 2024 में 0.00082 हे0 भूमि क्रय की गई थी किन्तु वकील व दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी भूमि का दाखिल खारिज नही हो रहा है। इसलिए जिलाधिकारी से ही उम्मीद बची है। डीएम ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए तहसीलदार विकासनगर को आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। मामला डीएम के संज्ञान में आते ही 03 दिन के भीतर तहसील से दाखिल खारिज के आदेश हो गए है।

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