गंगोत्री धाम की यात्रा ने इतिहास रचा है। यहां पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या 07 लाख 84 हजार 321 पहुंची है। इससे पूर्व यहां वर्ष 2022, 2023 और 2025 में श्रद्धालुओं की संख्या ने 07 लाख का आंकड़ा पार किया है। वर्ष 2022 में 07 लाख 81 हजार 961, 2025 में 07 लाख 58 हजार 249 और 2023 में 07 लाख 12 हजार 749 यात्री धाम में दर्शन को पहुंचे थे। यमुनोत्री धाम में वर्ष 2025 में सर्वाधिक 06 लाख 44 हजार 637 श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन को पहुंचे थे। इस बार यहां अभी तक 07 लाख 03 हजार 302 श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं।
बद्रीनाथ यात्रा भी नया रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही है। 23 अप्रैल को शुरू हुई बद्रीनाथ यात्रा 12 सितंबर को 143 दिन की अवधि पूर्ण कर चुकी है। इस दौरान 17 लाख 28 हजार 578 यात्री भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 03 लाख 45 हजार 733 अधिक है। बीते वर्ष इसी अवधि में दर्शनार्थियों की संख्या 13 लाख 82 हजार 845 थी। श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा को लेकर भी श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। यहां बीते कई वर्षों की तुलना में पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या 03 लाख 19 हजार 135 पहुंच चुकी है।
मुख्यमंत्री के दिशानिर्देशन में यात्रा को बेहद सतर्कता और निगरानी के साथ संचालित किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वाेपरि रखते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। यात्रा से जुड़े रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जनपद में आपदा प्रबंधन विभाग को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड में रखा गया है।
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चारधाम यात्रा का पहला चरण बेहद सफल रहा है। दूसरे चरण में भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के पहुंचने का अनुमान है। इसको देखते हुए सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रा से जुड़े सभी जनपदों में आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड में रखा गया है।
पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री,
उत्तराखण्ड

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