उत्तराखंड में U P S का विरोध कर रहे कर्मचारी, प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंचाएंगे विरोध के सुर…….
दिल्ली: कर्मचारियों ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम का विरोध करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि जब राजस्थान छत्तीसगढ़ झारखंड और हिमाचल में पुरानी पेंशन बहाल हो चुकी है तो केंद्र सरकार को भी पुरानी पेंशन बहाली का निर्णय लेना चाहिए। यूनिफाइड पेंशन स्कीम को लागू कर देश के एक करोड़ से भी अधिक एनपीएस कार्मिकों को भ्रमित नहीं करना चाहिए।
राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम का विरोध करने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत ने कहा है कि जब राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और हिमाचल में पुरानी पेंशन बहाल हो चुकी है तो केंद्र सरकार को भी पुरानी पेंशन बहाली का निर्णय लेना चाहिए।
यूनिफाइड पेंशन स्कीम को लागू कर देश के एक करोड़ से भी अधिक एनपीएस कार्मिकों को भ्रमित नहीं करना चाहिए। रावत ने कहा है कि यूनिफाइड पेंशन स्कीम का निर्णय जल्दबाजी में लिया गया है। पुरानी पेंशन बहाली से देश के एक करोड़ एनपीएस कार्मिकों को लाभ मिलता।
पुरानी पेंशन बहाली से देश और राज्य की आर्थिक स्थिति भी ठीक होती। केंद्र सरकार के इस निर्णय से देशभर के सभी कार्मिकों में मायूसी है। सभी कार्मिक 27 से 30 अगस्त तक अपने -अपने कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करेंगे।
इंटरनेट मीडिया पर भी विरोध-प्रदर्शन की फोटो और वीडियो अपलोड करेंगे। ताकि पुरानी पेंशन बहाली की आवाज बुलंद हो सके और विरोध के स्वर प्रधानमंत्री तक पहुंच सकें।
उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के कार्मिकों को तीन भागों में बांट दिया गया है। ओपीएस, एनपीएस और यूपीएस। सभी कार्मिक एकजुट होकर पुरानी पेंशन बहाली के लिए नई ताकत से लड़ेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर देश के तमाम कार्मिक संगठन समर्थन दे रहे हैं।


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