
रक्षा बंधन का महत्व और उसको मनाने का महत्व
भाई-बहन के स्नेह, प्रेम, समर्पण और संकल्प का पावन पर्व ही रक्षाबंधन है। रक्षाबंधन मनाने के पीछे एक दृष्टि यह भी है, कि हमारे मन में प्रत्येक परस्त्री के प्रति मातृभाव उत्पन्न हो। हमारी सनातन परंपरा में किसी भी परस्त्री को माँ और बहन की दृष्टि से अथवा मातृवत देखने का ही विधान है। रक्षा सूत्र बंधन जैसा पर्व प्रत्येक वर्ष इसलिए भी मनाया जाता है ताकि हमारी वासनामय दृष्टि उपासनामय बन सके। हम अपनी बहनों को तो रक्षा का वचन दें ही दें, साथ में उन्हें यह वचन भी अवश्य दें कि आज से कोई भी अकेली स्त्री मेरी दृष्टि में एक अवसर नहीं अपितु एक जिम्मेदारी होगी।
आज के दिन हम सभी को यह बात अवश्य ध्यान में रखनी चाहिए कि “मैं केवल अपनी बहन की रक्षा का ही संकल्प नहीं लेता हूँ अपितु समाज और राष्ट्र की समस्त बहनों के आत्मसम्मान, शील और अस्मिता की रक्षा का भी संकल्प लेता हूँ।” यथार्थ में दृष्टि को परिमार्जित और व्यापक करते हुए हमारे मन-मष्तिष्क में समाज में परस्पर भाई-बहन का भाव ही दृढ़ता से समाहित हो सके, यही इस पावन पर्व का प्रमुख उद्देश्य भी है।

More Stories
नैनीताल पुलिस ने गोरापड़ाव डकैती कांड मे शामिल 2 और शातिर बदमाशों को किया गिरफ्तार,पुलिस ने आरोपियों के कब्ज़े से 2 तमंचे 4 जिंदा कारतूस,1 वरना कार और ₹1,40,000 की लूटी गई नकदी कि बरामद!
हिन्दू समाज के खिलाफ विवादित पोस्ट करने वाले आरोपी को नैनीताल पुलिस ने किया गिरफ्तार,
हरिद्वार पुलिस ने रजवाहे पर मिले अज्ञात शव की सुलझाई गुथी ,शराब के नशे में हुए विवाद और पैसों के लेनदेन और शराब पीते हुए की वीडियो बनाने के चलते दोस्तों ने दोस्त की ले ली थी जान , हरिद्वार की बाहदराबाद पुलिस ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल.!