विगत वर्षों की भांति आज बैकुंठ चतुर्थी के पावन पर्व पर गंगोत्री धाम के रावल शिवप्रकाश जी महाराज द्वारा विश्व का सबसे बड़ा गंगा कलश भगवान पशुपतिनाथ को अर्पण किया गया
पूर्व काल से चली आ रही सनातन वैदिक परंपरा के अनुसार भगवान पशुपतिनाथ जी को अर्पित होने वाले पवित्र गंगाजल कलश श्री गंगोत्री मंदिर में लक्ष्मी पूजन के अवसर पर विधिवत पूजा अर्चना के उपरांत यह पवित्र गंगाजल कलश श्री गंगा जी की दिव्य डोली के साथ मुख्यमठ के लिए प्रस्थान करेगी और 2 दिनों तक पवित्र गंगा जल कलश के मुख्यमट
( मुखवा ) में पूजा अर्चना के उपरांत भव्य समारोह और यात्रा के साथ गंगा कलश यात्रा का शुभारंभ होगा
इसके पश्चात भगवान काशी विश्वनाथ मंदिर उत्तरकाशी में भी जल कलश की विधिवत पूजा-अर्चना होगी और यह पवित्र गंगा जल कलश यात्रा भव्य समारोह के साथ हरिद्वार के लिए प्रस्थान करेगी इस वर्ष पूज्य रावल जी द्वारा विश्व का सबसे बड़ा कलश बनवाया गया जो इस बार यात्रा में निकलेगा ऐसी मान्यता है कि जो इस पवित्र गंगा कलश को स्पर्श दर्शन करता है उसको पूरे वर्ष पर्यंत भगवान पशुपतिनाथ अभिषेक का फल प्राप्त होता है
जय मां गंगे हर हर गंगे
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