May 16, 2026

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कोटद्वार में तथाकथित पत्रकारों से परेशान हैं अधिकारी,क्या LIU के अधिकारीयो की आखो मे भी पडा हुआ है ममीरे का सुरमा।

 

राजेन्द्र शिवाली(राष्ट्रीय दिया समाचार) कोटद्वार

कोटद्वार। कोटद्वार में कभी गिने चुने पत्रकार हुआ करते थे, लेकिन आज पत्रकार कम, तथाकथित पत्रकारों की बाढ सी आ गई है। स्थित यह कि जिसके भी हाथ में स्मार्ट फोन है, वह अपने आपको पत्रकार बताने लगा है। ऐसे तथाकथित पत्रकारों से अधिकारी तो परेशान हैं ही, कई व्यवसायिक प्रतिष्ठान मालिक भी परेशान हैं। ऐसे तथाकथित पत्रकारों का काम पत्रकारिता के नाम पर सिर्फ चंदा वसूली है। एक संस्थान में फोटो ग्राफर रहा, संस्थान से निकाल दिए जाने के बाद अब पोटल चलाने वाला पत्रकार अपनी खबर को खबर और दूसरे की खबर को फर्जी बताता है। सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक एक अन्य धंधा करने वाला एक काला कौआ भी पत्रकारिता पर ज्ञान बांटने वाला भी उन पत्रकारों को ज्ञान बांट रहा है जो आज से 40-45 साल पहले से पत्रकारिता करते आ रहे हैं, उस समय वह अंडे में भी नहीं रहा होगा। उसका अपना कोई आफिस नहीं है। एक सामाजिक संस्था में उसने अपना तथाकथित आफिस बनाया हुआ है। जिन पत्रकारों को वह ज्ञान बांट रहा है, उसे यह भी ज्ञान नहीं है कि वे पत्रकार उत्तराखंड सरकार से वर्षों मान्यता प्राप्त पत्रकार रहे हैं। उसे यह तो ज्ञान होना ही चाहिए सीनियर सीनियर ही होता है उसका मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए। अपने आपको को ही पत्रकार नहीं समझना चाहिए। आईना देखने की जरूरत उसे है।एलआईयू को ऐसे धंधेबाज तथाकथित पत्रकारों की जांच करनी चाहिए।

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