May 16, 2026

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श्री राम कथा धेनुमानस गौ टीका के तीसरे दिन महाराज गोपालमणि जी ने गौ टीका के बारे में दी जानकारी।

राजेन्द्र शिवाली (राष्ट्रीय दिया समाचार) कोटद्वार

कोटद्वार। गोविंद नगर स्थित दीपक वेडिंग प्वाइंट में आयोजित गौ टीका की अमृतमयी कथा श्रवण कराते हुए गौ क्रांति अग्रदूत गोपाल मणि महाराज ने कथा प्रंसग में कहा कि हमारे धर्म की मूल स्तम्भ यानि जड़ गौ माता ही है। बिना गौ के हिन्दू नहीं हो सकते। सनातन धर्म ही सबसे पुराना है उसमें गौ माता ही सर्वश्रेष्ठ कही गई है। उन्होंने कहा कि गाय के दूध से बनी खीर से श्रीराम का जन्म हुआ था। इसलिए राम का अवतार केवल भारत में गौ रक्षा के लिए हुआ था। उन्होंने बताया कि आज भारत में लोग रक्षक की जगह भक्षक हो गये हैं, जिस गाय की सनातन धर्म में इतनी प्रतिष्ठा थी वह आज बेसहारा कुड़े-कचरे पर अपना मुख मार रही है, जो गौ माता घर की मालकिन थी वह आज भिखारी बनकर बैठी है। मणि जी महाराज ने कथा प्रसंग के दौरान कहा कि जब गाय को हम उसकी सेवा करके प्रसन्न करते हैं तब वह कामधेनु बनकर हमारी सभी कामनाओं को पूरा कर देती है । रामायण पूरी गौ कथा है और यही कथा सबसे पुरानी है। इसलिए हम सभी को जागना चाहिए ताकि हमारे देश के माथे पर गौ हत्या का कंलक सदैव के लिए मिट जाए। इसी में हमारे देश का कल्याण है। इस मौके पर गोपाल कृष्ण अग्रवाल, महावीर सिंह रावत, राजेन्द्र जखमोला, कैलाश चन्द्र अग्रवाल, जसपाल सिंह रावत, गिरीश जखमोला, राजेंद्र पुरोहित, अनुसूया मुंडेपी सर्वेश्वरी किमोठी, आशा विंजौला, गीता बुड़ाकोटी, बृजपाल राजपूत, डी.पी. अग्रवाल, विजय कुमार माहेश्वरी, कान्ता प्रसाद, गोपाल बंसल, राधेश्याम शर्मा समेत भारी संख्या में पुरूष व महिलाएं शामिल हुईं।

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