स्वास्थ्य मन्त्रालय के निर्देशानुसार डीजीआर (डायरेक्टर जनरल रीसेटेलमेन्ट ) की उत्तराखंड में अधिकृत एजेंसी उपनल को एम्स मे सिक्योरिटी सर्विस देने का टेण्डर दिया गया है। इसी क्रम में सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी दे रहे वह लोग जो पूर्व सैनिक नहीं थे, उन्हें दिसम्बर माह में काम से हटाए जाने का नोटिस दिया गया। उस समय एम्स प्रशासन द्वारा मानवीय आधार पर सुरक्षा गार्डों की बहाली कर वर्तमान में सेवा प्रदाता कम्पनी को तथा सुरक्षा कार्मिकों को दो महीने का अतिरिक्त सेवा विस्तार दे दिया गया। ताकि समय रहते वह अपने रोजगार की व्यवस्था कर लें।
लेकिन दो महीने की अवधि समाप्त होने से पहले ही सोमवार को सुरक्षा गार्डों ने एम्स में नारेबाजी की और संस्थान में अराजकता का माहौल पैदा किया। स्वास्थ्य संस्थान में उपजे इस माहौल को देखते हुए जब पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। यह पाया गया कि कुछ बाहरी तत्व भी गार्डों को आंदोलन के लिए उकसा रहे हैं।
एम्स प्रशासन का कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबन्ध में एम्स प्रशासन ने बताया कि सुरक्षा गार्डों को अब अतिरिक्त सेवा विस्तार नहीं दिया जा सकता है। हालांकि एम्स प्रशासन का यह भी कहना है कि वर्तमान में कार्यरत सभी पूर्व सैनिकों और महिला गार्डों को काम पर जारी किया जाएगा।

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