
राजपुर मे चल रही ऐतिहासिक रामलीला मे आज अयोध्या नरेश दशरथ द्वारा अपने ज्येष्ठ पुत्र राम को युवराज बनाने की घोषणा के साथ ही खुशियां के अंबार के बीच मंथरा और कैकेई के षड्यंत्र से हुआ राम को चौदह वर्ष का वनवास राजपुर, देहरादून श्री आदर्श रामलीला ट्रस्ट राजपुर द्वारा 75 वें हीरक जयंती श्रीराम लीला महोत्सव-2024 के चौथे दिन अपनी वृद्धावस्था तथा ज्येष्ठ पुत्र राम की प्रतिभा देखते हुए राजा दशरथ ने गुरु वशिष्ठ सभी दरबार के अधिकारियों की सहमति से राम को राजा बनाने की घोषणा की। राजाज्ञा के अनुसार इस घोषणा की मुनादी करवा दी गयी। जिसे सुनकर अयोध्यावासी प्रसन्नता से नाचने गाने लगे,घर घर दीप मालिएं सजाई जाने लगी, खुशियों भरी बधाइयां गाई जाने लगी। इस मुनादी वाले की घोषणा को सुनकर कैकेई की! प्रिय दासी मंथरा का दिमाग घूम गया और मंथरा ने कैकेई का दिमाग भ्रमित कर कैकेई पुत्र भरत को अयोध्या का राज तथा राम को चौदह बरस का वनवास का वरदान राजा दशरथ से प्राप्त करने का षड्यंत्र रच दिया। जिसके क्रियान्वयन हेतु रामराज्य घोषणा की खुशियों के दौरान ही कैकेई कोपभवन में चली गई। राजा दशरथ केे मनाने पर भी कैकेई ना मानी और देवासुर संग्राम में राजा दशरथ पर की गयी कृपा का बदला अपने दोनो वरदान हासिल कर किया।वरदान मांगा कैकेई ने राजा दशरथ से दो वरदान लेने का वचन प्राप्त कर लिया जिसके अनुसार एक वरदान मे भरत को अयोध्या का राज तथा राम को चौदह बरस का वनवास मांग ही लिया। हीरक जयंती श्रीराम लीला महोत्सव के चौथे दिवस पर श्री आदर्श रामलीला ट्रस्ट, राजपुर के संरक्षक विजय कुमार जैन,जय भगवान साहू, प्रधान योगेश अग्रवाल, मंत्री अजय गोयल, कोषाध्यक्ष नरेन्द्र अग्रवाल, आडिटर ब्रह्मप्रकाश वेदवाल, निर्देशक शिवदत्त अग्रवाल,चरण सिंह,योगेश अग्रवाल, स्टोर कीपर वेद प्रकाश साहू,स्टेज मैनेजर सुभाष कन्नौजिया, अन्य पदाधिकारियों में मोहित अग्रवाल,अमित रावत,अमन कन्नौजिया,अमन अग्रवाल, विनय शर्मा,अमन कन्नौजिया, करण कन्नौजिया आदि अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।*


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