
राजेंद्र शिवाली (राष्ट्रीय दिया समाचार)कोटद्वार
जनपद पौड़ी का सैजी गांव इन दिनों प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहा है। हाल ही में हुई अतिवृष्टि और भूस्खलन ने गांव के जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ी ढलानों से गिरते मलबे, टूटते रास्ते और लगातार हो रही भारी बारिश ने यहां के लोगों के लिए स्थिति बेहद कठिन बना दी है। कई घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि कुछ परिवारों को अपने मकान छोड़कर अस्थाई आश्रयों में शरण लेनी पड़ी है।
ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में पौड़ी पुलिस और SDRF की टीमें राहत और बचाव कार्य में पूरी निष्ठा के साथ जुटी हुई हैं। गांव में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। आपदा से प्रभावित मकानों से बचे हुए सामान को सुरक्षित निकालकर उन्हें अस्थाई आश्रयों में स्थानांतरित किया जा रहा है, क्योंकि मौसम की स्थिति अब भी अनिश्चित है और भारी बारिश कभी भी और खतरा बढ़ा सकती है।
स्थानीय प्रशासन, पुलिस, SDRF और ग्रामीण मिलकर केवल लोगों की निकासी पर ही नहीं, बल्कि मुख्य मार्गों के पुनर्निर्माण और अस्थाई रूप से यातायात बहाल करने पर भी काम कर रहे हैं। कई जगहों पर मलबा हटाकर रास्ते खोले गए हैं ताकि जरूरी सामग्री, चिकित्सा दल और राहत सामग्री गांव तक पहुंच सके।


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