
मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में 12 साल बाद शरदोत्सव का रंगारंग आगाज हुआ। मंगलवार को सर्वे ग्राउंड से निकली भव्य शोभायात्रा मालरोड से होते हुए गांधी चौक पहुंची। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने संयुक्त रूप से शरदोत्सव का शुभारंभ किया। बारिश के कारण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
बारिश के बावजूद कलाकारों और स्थानीय लोगों का उत्साह देखते ही बना। शोभायात्रा में विभिन्न राज्यों और प्रदेश के कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में अपनी संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। लोकनृत्य और रंगारंग प्रस्तुतियों ने मालरोड को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया।
इस बार शरदोत्सव की खासियत स्थानीय प्रतिभाओं को प्राथमिकता देना है। पालिका प्रशासन के अनुसार करीब 80 प्रतिशत अवसर स्थानीय कलाकारों को दिए गए हैं। इसके साथ ही उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय विरासत को भी उत्सव में प्रमुखता दी जा रही है। आयोजकों का कहना है कि विभिन्न सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रमों के साथ यह शरदोत्सव पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।
पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, अधिशासी अधिकारी गौरव वसीम और सभासद जसबीर कौर ने कहा कि लंबे अंतराल के बाद आयोजित हो रहा यह उत्सव मसूरी की सांस्कृतिक पहचान को फिर से मजबूत करने का प्रयास है। स्थानीय कलाकारों को मंच देने के साथ प्रदेश की संस्कृति और व्यंजनों को बढ़ावा देना उत्सव की बड़ी विशेषता है

More Stories
बीरोंखाल को मिली 440.4 लाख की सौगात, *सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित हुआ बहुउद्देशीय शिविर,. उत्तराखण्ड जलवायु अनूकूल बारानी कृषि परियोजना के तहत हो रहें हैं करोड़ों के काम: महाराज
मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के साथ ही कुम्भ मेला-2027 तथा अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों के लिए ₹ 4 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
सीएम धामी ने मुख्य सेवक सदन में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों से किया संवाद, दूरस्थ क्षेत्रों से आए लोगों से संवाद कर मुख्यमंत्री ने सुनी समस्याएं, समाधान के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश