
एम्स ऋषिकेश में भर्ती के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ एम्स प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। संस्थान प्रशासन ऐसे मामलों में अब संबंधित के खिलाफ ठोस कानूनी कार्यवाही अमल में लायेगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बीते कुछ दिनों से एक फर्जी फेसबुक पेज द्वारा एम्स ऋषिकेश में एमटीएस, ऑफिस अटेंडेंट और वार्ड अटेंडेंट आदि पदों पर भर्ती के आवेदन मांगे गए हैं। जबकि एम्स ऋषिकेश में इन पदों पर इस प्रकार की कोई भर्ती नहीं की जा रही है और ना ही कोई विज्ञापन जारी किया गया है। संस्थान ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए ऐसे जाल साजों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने का निर्णय लिया है। संस्थान के उपनिदेशक (प्रशासन) लेफ्टिनेंट कर्नल गोपाल मेहरा ने इस संबंध में बताया कि एम्स एक केंद्रीय कृत स्वास्थ्य संस्थान है और कभी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म द्वारा भर्ती हेतु विज्ञापन जारी नहीं करता है। उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश की अपनी वेबसाइट है और भर्ती सम्बंधित मामलों में अपनी वेबसाइट के अलावा अन्य किसी सोशल मीडिया प्लेटफार्म अथवा वेबसाइट का उपयोग नहीं करता है। कर्नल मेहरा ने बताया कि सभी प्रकार के पदों पर नियुक्ति हेतु विज्ञापन भी संस्थान की अपनी वेबसाइट में ही जारी होते हैं। आम लोगों को चाहिए कि वह नौकरी के नाम पर धोखेबाजी करने वाले जालसाजों के झांसे में ना आएं।
उन्होंने चेताया कि यदि संस्थान का कोई स्टाफ भी इस प्रकार के मामलों में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ भी संस्थागत स्तर पर प्रशाशनिक कारवाई के साथ साथ वैधानिक कारवाई भी की जायेगी। बताया कि सोशल मीडिया पर फर्जी फेसबुक पेज बनाने वालों के खिलाफ साइबर थाने में मुकदमा दर्ज करवाने के साथ ही पुलिस प्रशासन के माध्यम से भी कठोरतम कारवाई करवाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने जनमानस से अपील की है कि संस्थान के नाम पर भ्रामक विज्ञापनों के झांसे में ना पड़ें और इस प्रकार के मामलों की संस्थान से आवश्यक रूप से पुष्टि करवा लें।

More Stories
एसएसपी दून के निर्देशों पर स्पा सेंटरों की पुलिस द्वारा की गई आकस्मिक चेकिंग, नियमो के उल्लंघन पर 3 स्पा सेंटर संचालकों के विरुद्ध पुलिस एक्ट के तहत की गयी चालानी कार्यवाही
मुख्यमंत्री को महिलाओं ने बांधा रक्षा सूत्र, मुख्यमंत्री ने दी सभी को रक्षा बन्धन की शुभकामनाएं, रक्षा बन्धन पर महिलाओं को दो दिन, परिवहन निगम की बसों में की गई है, निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 6 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति