January 20, 2026

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लघु और मध्यम वर्गीय परिवारो के बजट को बिगाड रहे बिजली दर को लेकर “जन संघर्ष मोर्चा” अध्यक्ष ने सौपा धामी को ज्ञापन,

देहरादून – जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने गरीब और मध्यम वर्गीय बिजली उपभोक्ताओ की परेशानी का सबब और घर के बजट को बिगाड रहे बिजली के भारी भरकम बिलो को लेकर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर प्रदेश के गरीब एवं मध्यम वर्गीय विद्युत उपभोक्ता को महंगी बिजली से निजात दिलाने एवं लाइन लॉस कम कराने को लेकर को ज्ञापन सौपा | मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी ने सचिव, ऊर्जा को कार्रवाई के निर्देश दिए | नेगी ने कहा कि निजी क्षेत्र की विद्युत परियोजनाओं/ केंद्रीय स्वामित्व वाली परियोजनाओं से सरकार को वर्ष 2020-21 में 1027.52 मिलियन यूनिट एवं 2021-22 में 1098.67 एम.यू. रॉयल्टी के रूप में क्रमश: 2.32 ₹ प्रति यूनिट एवं 2.28 ₹ के हिसाब से मिली | इसी प्रकार प्रदेश के स्वामित्व वाली जल विद्युत परियोजनाओं से भी प्रतिवर्ष 5 हजार एम.यू. से अधिक बिजली उत्पादित होती है |कुछ बिजली बाहर से महंगे दामों पर विभाग की लापरवाही की वजह से जरूर खरीदनी पड़ती है, लेकिन इस फेर में आम उपभोक्ता पिस रहा है | नेगी ने कहा कि वितरण एवं ए.टी. एंड सी. हांनियां लगभग 30 से 35 फ़ीसदी तक हैं, जो बिजली के दामों में बढ़ोतरी करने को सबसे बड़ा कारक है, इस पर प्रभावी अंकुश की जरूरत है | नेगी ने कहा कि विभाग द्वारा उपभोक्ताओं से प्रति 100 यूनिट्स तक 2.90 ₹, 100 से 200 तक 4.20 ₹, 200 से 400 यूनिट तक 5.80 ₹ एवं 400 यूनिट्स से ऊपर 6.55 ₹ निर्धारित किया हुआ है, जोकि उपभोक्ताओं पर दोहरी मार है | मोर्चा ने सरकार से 100 यूनिट के स्थान पर 200 यूनिट का स्लैब निर्धारित करने एवं लाइन लॉस कम करने की मांग रखी| प्रतिनिधिमंडल में प्रतिनिधिमंडल में- विनय गुप्ता मौजूद थे |

 

 

 

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