
पुलिस के द्वारा चौक चौराहो पर चलती वाहन चैकिंग को देखते ही आज के युवा सरपट गाडी को स्नेक स्टाईल मे भगा कर निकल जाते है वजह होती है बिना हेलमेट क्योकि पुलिस उसी सवार को रोकती है जिसके सर पर दुर्घटना के वक्त मौत से बचाने वाला हेलमेट नही होता अगर सरकारी आकंडो की माने तो पूरे देश मे सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक शिकार दोपहिया वाहन चालक ही होते है । 2020 में 47,936 दोपहिया वाहन दुर्घटना के शिकार हुए थे, जिनमें 17,883 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। 2021 में दोपहिया वाहनों की 44,784 दुर्घटनाओं में 18,200 लोगों की मौत हुई थी। 2020 में सड़क हादसों में 7749 पैदल यात्री मारे गए थे जबकि 2020 में इनकी संख्या 7753 थी। लेकिन इतने भयावह आंकडे भी दोपहिया वाहन चालको की लापरवाही पर लगाम लगाने मे नाकाफ़ी साबित हो रहे है। पुलिस समय समय पर यातायात नियमो की अनदेखी करने वालो पर लगाम लगाने के प्रयास और चालको पर यातायात के नियमो को लागू कराने के लिए जुर्मने के साथ साथ चालको को जागरूक करने का प्रयास करके कुछ जाने बचाने का प्रयास समय समय पर करती रहती है

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