
रणजी ट्रॉफी 2025-26 में **उत्तराखंड** ने एक बार फिर इतिहास रच दिया! घरेलू मैदान **अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी, देहरादून** पर असम को **पारी और 42 रनों** से रौंदकर टीम ने चौथी बार क्वार्टर फाइनल का टिकट कटवाया। यह जीत न सिर्फ शानदार थी, बल्कि टीम के **कप्तान कुणाल चंदेला** के करियर की पहली फर्स्ट-क्लास डबल सेंचुरी से और भी यादगार बन गई। इस मैच की रोमांचक कहानी: बल्ले से चंदेला का तूफान, गेंद से मयंक का जादू छाया रहा
उत्तराखंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी और क्या कमाल का प्रदर्शन किया!
– **कुणाल चंदेला (कप्तान)** ने 297 गेंदों पर **207 रन** ठोके – 15 चौके और 6 छक्के! यह उनकी पहली फर्स्ट-क्लास डबल सेंचुरी थी।
– **लक्ष्य राय चंदानी** ने धैर्यपूर्ण **86 रन** (173 गेंदें) बनाए।
– **भूपेन लालवानी** ने भी **52 रन** जोड़े।
120 ओवर में **460/7** पर पारी घोषित! असम के गेंदबाजों के पसीने छूट गए – स्वरूपम पुरकायस्थ ने 3 विकेट लिए, लेकिन उत्तराखंड का स्कोर पहाड़ जैसा था।
असम की पहली पारी? पूरी तरह ध्वस्त!
– सिर्फ **140 रन** पर ऑलआउट (69.1 ओवर)।
– **रितुराज बिस्वास** ने 62 रन बनाए, लेकिन बाकी कोई टिक नहीं पाया।
– उत्तराखंड के गेंदबाजों ने आग उगली: **आदित्य रावत** (3/24), **मयंक मिश्रा** (3/36), **जगदीश सुचित** (2/25)। फॉलो-ऑन!
दूसरी पारी में असम ने लड़ने की कोशिश की, लेकिन मयंक मिश्रा का स्पिन जादू फिर चला:
– असम **278 रन** पर ढेर (82.5 ओवर)।
– **स्वरूपम पुरकायस्थ** ने 73 रन, **शिवशंकर राय** 36, **मुख्तार हुसैन** 32 – लेकिन काफी नहीं।
– **मयंक मिश्रा** ने मैच में कुल प्रभावशाली प्रदर्शन किया (दोनों पारियों में विकेटों की झड़ी), **सुचित जे** ने 3 विकेट चटकाए।
नतीजा: **पारी और 42 रनों** से धमाकेदार जीत! उत्तराखंड ने ग्रुप सी में अपनी स्थिति मजबूत की और क्वार्टर फाइनल में दस्तक दी।
### उत्तराखंड का रणजी सफर: संघर्ष से सफलता तक
उत्तराखंड 2018 में रणजी में शामिल हुआ और अब चौथी बार क्वार्टर फाइनल में!
– **2018-19**: पहली बार क्वार्टर फाइनल, विदर्भ से पारी और 115 रनों से हार।
– **2021-22**: मुंबई से रिकॉर्ड 725 रनों की हार।
– **2022-23**: कर्नाटक से पारी और 281 रनों की करारी हार।
– **2025-26**: अब असम पर घरेलू मैदान पर दबदबा! यह जीत टीम के लिए मनोबल बढ़ाने वाली है।
कुणाल चंदेला का डबल टन, मयंक मिश्रा की स्पिन धार – यह मैच उत्तराखंड क्रिकेट के सुनहरे पन्ने में दर्ज हो गया। देहरादून के मैदान पर प्रशंसकों का जोश देखते ही बनता था!
**कुणाल चंदेला का पूरा क्रिकेट करियर: दिल्ली से उत्तराखंड तक का सफर, और अब डबल सेंचुरी का तूफान!**
कुणाल चंदेला (जन्म: **7 जुलाई 1994**, दिल्ली) एक दाएं हाथ के मध्यक्रम बल्लेबाज हैं, जो कभी-कभी राइट-आर्म मीडियम पेस भी गेंदबाजी करते हैं। उनका क्रिकेट सफर दिल्ली की सड़कों से शुरू होकर अब उत्तराखंड की रणजी टीम में कप्तानी तक पहुंच चुका है। IPL या इंटरनेशनल क्रिकेट में अभी तक नहीं खेल पाए, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उन्होंने लगातार अपनी छाप छोड़ी है।
### शुरुआती करियर और दिल्ली के साथ पदार्पण
– **2017-18 रणजी ट्रॉफी** में **दिल्ली** के लिए फर्स्ट-क्लास डेब्यू: 25 नवंबर 2017 को मैच में पदार्पण किया।
– दिल्ली टीम में शुरुआत में संघर्ष रहा, लेकिन उन्होंने लगातार मौके लिए और अनुभव कमाया।
– लिस्ट A डेब्यू: ढाका प्रीमियर डिवीजन क्रिकेट लीग में **Prime Bank Cricket Club** के लिए 7 फरवरी 2018 को।
– दिल्ली के लिए 2017-2020 तक खेले, लेकिन ज्यादा बड़े स्कोर नहीं बना पाए, इसलिए टीम बदलने का फैसला किया।
### उत्तराखंड में नया अध्याय और कप्तानी
– 2021-22 से **उत्तराखंड** टीम में शामिल हुए और जल्दी ही मुख्य बल्लेबाज बन गए।
– उत्तराखंड के लिए रणजी ट्रॉफी में लगातार अच्छा प्रदर्शन – टीम को क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका।
– **2025-26 रणजी ट्रॉफी** में कप्तान बने और असम के खिलाफ घरेलू मैदान (देहरादून) पर करियर की पहली फर्स्ट-क्लास **डबल सेंचुरी** ठोकी!
– **207 रन** (297 गेंदें, 15 चौके, 6 छक्के) – मैच में उत्तराखंड ने 460/7 घोषित किया और पारी + 42 रनों से जीत दर्ज की।
– यह उनके करियर का हाईलाइट मोमेंट रहा – कप्तानी में पहला बड़ा स्कोर और टीम को क्वार्टर फाइनल में पहुंचाया।
### करियर हाइलाइट्स और स्टैट्स (अपडेटेड 2026 तक)
– **फर्स्ट-क्लास (रणजी ट्रॉफी मुख्य रूप से)**: कई मैचों में 1000+ रन, औसत 30-35 के आसपास। अब तक 1 डबल सेंचुरी (207 vs असम) और कई अर्धशतक।
– **टीम्स**: दिल्ली (2017-2020), उत्तराखंड (2021 से अब तक, कप्तान)।
– **अन्य**: कुछ लिस्ट A और T20 मैच खेले, लेकिन मुख्य फोकस फर्स्ट-क्लास पर।
– **IPL/T20 करियर**: अभी तक कोई IPL कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिला, लेकिन घरेलू T20 में अच्छा प्रदर्शन।
– **खासियत**: धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी, लंबी पारियां खेलने की क्षमता, और अब कप्तानी में आक्रामक निर्णय (जैसे पारी घोषित करना)।
रोचक फैक्ट्स
– दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होने के बाद उनका ग्राफ ऊपर चढ़ा – उत्तराखंड ने उन्हें कप्तानी सौंपी, और उन्होंने टीम को पहली बार मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
– 2025-26 सीजन में उनका 207* रन वाला नॉक – उत्तराखंड के लिए ग्रुप स्टेज में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बना।

कुणाल चंदेला के कोच मनीष झा ने बताया की वें कुणाल को
पिछले 06 वर्षों से इस टीम को कोचिंग दे रहा हूं और 06 वर्षों में से 04 वर्षों में इस टीम ने नॉकआउट (क्यूएफ) के लिए क्वालीफाई किया है। सीएयू में शामिल होने से पहले मैंने कई वर्षों तक मणिपुर रणजी ट्रॉफी टीम, सर्विसेज रणजी ट्रॉफी टीम और दिल्ली अंडर-23 टीम को कोचिंग दी है। मैंने नेपाल सीनियर राष्ट्रीय महिला टीम के साथ सलाहकार मुख्य कोच के रूप में भी काम किया है और टीम ने इतिहास में पहली बार विश्व कप वैश्विक क्वालीफायर के लिए क्वालीफाई किया है।
मैं राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के साथ कोच के रूप में भी काम कर रहा हूं

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