
राजेन्द्र शिवाली (राष्ट्रीय दिया समाचार) कोटद्वार
कोटद्वार :सिनेमाघर के कंपाउंड मे बने रेस्टोरेंट्स मंहगे दामो पर खाने पीने का सामान जरूरत से भी ज्यादा रेट पर बेचकर ग्राहको की जेबे साफ करते है इतना ही नही ग्राहको को गलत बिल देने मे भी गुरेज नही करते है इसी तरह का एक मामला कोटद्वर के प्राइड सिनेमा मे देखने को मिला जिसमे ग्राहक द्वारां सामान लेने के बाद ग्राहक को फर्जी बिल थमा दिया था अब इस संबंध में राज्य कर विभाग ने कार्यवाही की है। कोटद्वार राज्य कर कार्यालय के सहायक आयुक्त मोहम्मद यासिर ने बताया की बीते 1 अगस्त को काशीरामपुर मल्ला कोटद्वार निवासी एडवोकेट अवनीश अग्निहोत्री द्वारा तड़ियाल चौक स्थित के प्राइड सिनेमा के खिलाफ शिकायत की गई थी कि सिनेमाघर के रेस्टोरेंट स्टाफ द्वारा उन्हें दिए गए बिल में GST नंबर नही था ।जबकि रेस्टोरेंट काफी पुराना है और उसमे बिकने वाले सामान की कीमत के अनुसार वो छोटे रेस्टोरेंट की श्रेणी में यानी GST के दायरे से बाहर नहीं हो सकता। साथ ही इसका ऑनलाइन पेमेंट करने का स्क्रीनशॉट भी दिया जिससे रेस्टोरेंट स्टाफ अपने बिल को नकार न सके।ऐसे में सिनेमाघर द्वारा ग्राहकों से अच्छी खासी रकम लेने के बाद उस पैसे का हिस्सा टैक्स के रूप में सरकार को ना देना सरकार को राजस्व की हानि पहुंचाना है जबकि ग्राहक रेस्टोरेंट में उस सामान की पूरी रकम दे रहा है। इस शिकायत के बाद GST की टीम द्वारा के प्राइड सिनेमा के रेस्टोरेंट पर जाकर निरीक्षण किया और पाया की रेस्टोरेंट GST में पंजीकृत है लेकिन ग्राहक को गलत बिल दे रहा है। ऐसे में पहले KAY CINEMAS को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और नोटिस का जवाब संतोषजनक न पाए जाने के कारण KAY CINEMAS रेस्टोरेंट के खिलाफ 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। ऐसे में सभी ग्राहकों से अपील है की बिल अवश्य लें, सही बिल लें और संभव हो सके तो ऑनलाइन पेमेंट ही करें जिससे विभाग को शिकायत मिलने पर जांच करने में आसानी हो।

More Stories
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत उत्तराखंड में 6 हजार कर्मचारियों और 900 से अधिक नियोक्ताओं को मिली ₹24 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि
माॅक ड्रिल से परखी जाएंगी मानसून की तैयारियां, 2 जुलाई को होगी मानसून पूर्व तैयारियों पर राज्य स्तरीय माॅक ड्रिल
धामी सरकार का भ्रष्टाचार पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, हरिद्वार भूमि घोटाले में बड़ा प्रहार, 10 पर मुकदमा, पूर्व नगर आयुक्त की बर्खास्तगी की संस्तुति, तत्कालीन डीएम कर्मेंद्र सिंह पर मेजर पनिशमेंट, एसडीएम की तीन वेतनवृद्धियां रोकने के निर्देश