
दिनांक 15-08-2026 को सितारगंज बाईपास रोड पर एक टुकटुक में आग लगने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची तो टुकटुक में पवित्र सरकार एवं सरस्वती के झुलसने की जानकारी मिली।
जांच में सामने आया कि सरस्वती द्वारा टुकटुक के अंदर अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली गई थी, जिससे दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को उपचार हेतु उपजिला चिकित्सालय सितारगंज ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर किया गया।
सरस्वती लगभग 80 -90 प्रतिशत झुलसी हुई थी। गंभीर स्थिति के चलते उसे एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान दिनांक 19-08-2026 को उसकी मृत्यु हो गई। पवित्र सरकार लगभग 18-20 प्रतिशत झुलसा था, जिसका उपचार साई अस्पताल हल्द्वानी में कराया गया। घटना के संबंध में मृतका के पिता श्री दयाल चंद्र मंडल द्वारा तहरीर दी गई, जिसके आधार पर मु0अ0सं0-410/2026, धारा 118(1), 118(2), 351(3) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई।
*SSP अजय गणपति के निर्देश पर शुरू हुई निष्पक्ष विवेचना*
➡️ महिला के साथ हुई गंभीर घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर श्री अजय गणपति द्वारा प्रकरण की निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों के विरुद्ध प्रभावी वैधानिक कार्यवाही के कड़े निर्देश दिए गए।
उक्त निर्देशों के क्रम में पुलिस अधीक्षक नगर रुद्रपुर एवं क्षेत्राधिकारी सितारगंज के निर्देशन तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सितारगंज के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों एवं तकनीकी तथ्यों के आधार पर गहन विवेचना की गई।
*अभियुक्त पवित्र सरकार की भूमिका*
➡️ विवेचना में प्रकाश में आया कि अभियुक्त पवित्र सरकार उर्फ कन्हई पूर्व से सरस्वती के संपर्क में था। दोनों के मध्य करीब 03-04 वर्षों से प्रेम संबंध थे।
सरस्वती अपने पति से पारिवारिक विवाद के कारण अपनी दो बेटियों के साथ मायके में अलग रह रही थी। पवित्र सरकार की पत्नी एवं परिजनों को दोनों के संबंध की जानकारी होने के बाद परिवार में विरोध शुरू हो गया।
विवेचना में सामने आया कि पवित्र सरकार अपनी पत्नी पर सरस्वती से संपर्क बनाए रखने के लिए दबाव डालता था तथा कहता था कि वह सरस्वती के बिना नहीं रह सकता और मर जाने, फांसी लगाने अथवा जहर खाने जैसी बातें करता था।
दूसरी ओर सरस्वती ने अपनी माता को बताया था कि पवित्र सरकार उसे परेशान करता है, उससे शादी करने तथा मकान बेचकर कहीं दूसरी जगह साथ रहने की बात करता है और वह उससे पीछा छुड़ाना चाहती है।
परिजनों के विरोध के बाद पवित्र सरकार ने सरस्वती से बातचीत कम कर दी तथा अपना मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया। करीब 10-12 दिन तक बातचीत न होने से सरस्वती मानसिक रूप से परेशान हो गई।
दिनांक 15-08-2026 को वह सितारगंज पहुंची और पवित्र सरकार के टुकटुक में बैठी, जहां उसके द्वारा स्वयं पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली गई।
CCTV फुटेज एवं अन्य साक्ष्यों के समग्र परीक्षण से सरस्वती द्वारा स्वयं आग लगाकर आत्महत्या किए जाने तथा उससे पूर्व पवित्र सरकार द्वारा उस पर लगातार मानसिक दबाव, संबंध एवं विवाह के लिए दबाव तथा आत्महत्या की धमकियां दिए जाने के तथ्य सामने आए।
इन तथ्यों को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण की कड़ी के रूप में पाए जाने पर धारा 118(1), 118(2) बीएनएस को धारा 108 बीएनएस में तरमीम किया गया।
अभियुक्त पवित्र सरकार उर्फ कन्हई को दिनांक 14-09-2026 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जिला कारागार हल्द्वानी भेजा गया।
*अभियुक्त जितेन्द्र उर्फ बंकिम सरकार की भूमिका का खुलासा*
*विवेचना के दौरान अभियुक्त जितेन्द्र उर्फ बंकिम सरकार की भूमिका भी प्रकाश में आई।*
➡️ अभियुक्त पूर्व से सरस्वती को जानता था तथा दोनों ने एक कंपनी में साथ कार्य किया था। पूछताछ में जितेन्द्र ने बताया कि वह सरस्वती को पसंद करता था तथा उससे विवाह करना चाहता था, जबकि सरस्वती उसे अपना दोस्त मानती थी और पवित्र सरकार से प्रेम करती थी।
अभियुक्त द्वारा यह भी बताया गया कि वह चाहता था कि किसी भी प्रकार सरस्वती और पवित्र सरकार अलग हो जाएं।
विवेचना में सामने आया कि 11-12 अगस्त के आसपास सरस्वती ने जितेन्द्र से पेट्रोल की व्यवस्था करने को कहा था। दिनांक 15-08-2026 को दोनों के मध्य लगातार फोन पर बातचीत हुई। इसी दौरान सरस्वती द्वारा पेट्रोल की व्यवस्था करने को कहा गया, जिस पर जितेन्द्र ने पेट्रोल उपलब्ध कराने की सहमति दी।
*06 ऑडियो रिकॉर्डिंग ने खोली घटना की अहम कड़ी*
➡️ विवेचना के दौरान मृतका सरस्वती के मोबाइल फोन में घटना वाले दिन की अभियुक्त जितेन्द्र के साथ 06 ऑडियो रिकॉर्डिंग प्राप्त हुईं।
इन रिकॉर्डिंग में पेट्रोल की व्यवस्था करने, बोतल में पेट्रोल भरने, लाइटर साथ रखने तथा तत्काल मिलने संबंधी बातचीत होना पाया गया।
इसके अतिरिक्त CDR एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक/तकनीकी साक्ष्यों का भी परीक्षण किया गया।
*पेट्रोल उपलब्ध कराने से लेकर टुकटुक तक पहुंचाने की पूरी कड़ी सामने आई*
➡️ पूछताछ में अभियुक्त जितेन्द्र ने बताया कि दिनांक 15-08-2026 को वह अपनी स्प्लेंडर प्रो मोटरसाइकिल से सरस्वती को बैठाकर सितारगंज लाया।
सितारगंज में उसने दुकान से हरे रंग की 20 रुपये वाली ड्यू कोल्ड ड्रिंक की बोतल ली। कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद मोटरसाइकिल के नीचे से पाइप खोलकर उक्त बोतल में पेट्रोल भरा तथा पेट्रोल सरस्वती को दे दिया।
इसके बाद सरस्वती द्वारा पवित्र सरकार के टुकटुक को देखकर उसका पीछा करने के लिए कहा गया। जितेन्द्र उसके पीछे गया तथा गोल चौराहे से आगे पवित्र के टुकटुक के सामने मोटरसाइकिल लगाकर उसे रोक दिया।
सरस्वती पेट्रोल की बोतल एवं लाइटर लेकर पवित्र के टुकटुक में बैठ गई, जिसके बाद जितेन्द्र वहां से चला गया। बाद में उसे जानकारी हुई कि सरस्वती ने उसी पेट्रोल से टुकटुक में आग लगा ली, जिससे दोनों झुलस गए तथा उपचार के दौरान सरस्वती की मृत्यु हो गई।
*साक्ष्यों के आधार पर जितेन्द्र की गिरफ्तारी*
➡️ विवेचना में उपलब्ध मृतका के मोबाइल में सुरक्षित 06 ऑडियो रिकॉर्डिंग, CDR, CCTV, अभियुक्त के बयानों एवं अन्य साक्ष्यों के समग्र परीक्षण से जितेन्द्र द्वारा सरस्वती को आत्महत्या हेतु आवश्यक साधन उपलब्ध कराने, घटना की परिस्थितियों से अवगत रहते हुए सहायता प्रदान करने तथा घटना से ठीक पूर्व उसके साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहने के तथ्य सामने आए।
अभियुक्त द्वारा पेट्रोल की व्यवस्था कर उसे सरस्वती को उपलब्ध कराया गया तथा उसे पवित्र के टुकटुक तक पहुंचाया गया। उक्त तथ्यों के आधार पर अभियुक्त जितेन्द्र उर्फ बंकिम सरकार के विरुद्ध धारा 108 बीएनएस का अपराध प्रथम दृष्टया पाया गया।
अभियुक्त जितेन्द्र उर्फ बंकिम सरकार को दिनांक 15-09-2026 को हिरासत में लिया गया तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को कब्जे में लिया गया। अग्रिम वैधानिक कार्यवाही के उपरांत उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से दिनांक 16-09-2026 को जिला कारागार हल्द्वानी भेजा गया।
*दोनों अभियुक्तों की भूमिका अलग-अलग*
➡️ प्रकरण में अब तक की विवेचना में दोनों अभियुक्तों की अलग-अलग भूमिका सामने आई है। पवित्र सरकार की भूमिका मृतका को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, संबंध एवं विवाह के लिए दबाव बनाने तथा आत्महत्या की धमकियां देने से संबंधित पाई गई, जबकि जितेन्द्र द्वारा घटना से पूर्व पेट्रोल उपलब्ध कराने एवं मृतका को पवित्र के टुकटुक तक पहुंचाने की भूमिका प्रकाश में आई।
विवेचना में सामने आए तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध उनके-अपने कृत्य के अनुसार वैधानिक कार्यवाही की गई है।
*गिरफ्तार अभियुक्त*
1. पवित्र सरकार उर्फ कन्हई पुत्र नारायण सरकार, निवासी शक्तिफार्म नं0-01, बैकुंठपुर, कोतवाली सितारगंज, उम्र 35 वर्ष।
2. जितेन्द्र उर्फ बंकिम सरकार पुत्र स्वर्गीय रबिंद्र सरकार, निवासी गोकुल नगरी, तहसील/ब्लॉक क्षेत्र बिलासपुर, जनपद रामपुर, उत्तर प्रदेश, उम्र 27 वर्ष।
*पुलिस टीम*
➡️ प्रभारी निरीक्षक सुंदरम शर्मा
वरिष्ठ उपनिरीक्षक/विवेचक जावेद मलिक
हे0का0 मतलूब खान
हे0का0 जगदीश सिंह कोठियाल
का0 कृष्ण चन्द्र
का0 प्रेम कनवाल

More Stories
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने जलाया ‘आशीर्वाद का दीया
देहरादून की ऋषिकेश पुलिस ने एम्स किच्छा में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले 5 अभियुक्तो को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार,अभियुक्तों के कब्जे से ₹2 लाख नकद, फर्जी नियुक्ति पत्र हुए बरामद,एम्स प्रशासन द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर अभियुक्तों के विरुद्ध दर्ज किया गया अभियोग,अभियुक्तो की नौकरी दिलाने की एवज में 3.20 लाख रुपये में हुई थी डील.!
सेवा संकल्प अभियान के तहत राजधानी देहरादून मे रक्तदान शिविर का हुआ आयोजन,शिविर मे रक्तदाता युवाओं में दिखा भारी उत्साह.शिविर मे आये रक्तवीरो ने 69 यूनिट रक्त दान कर सैकड़ो लोगो के अनमोल जीवन को बचाने के किया सरहानीय प्रयास !