
देहरादून। स्टाइपेंड की मांग को लेकर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर गुरुवार को सड़क पर उतर आए। डॉक्टरों ने दून अस्पताल की ओपीडी से गांधी पार्क होते हुए दर्शन लाल चौक तक मार्च निकाला। हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर चिकित्सकों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और स्टाइपेंड से जुड़ी समस्या का जल्द समाधान करने की मांग सरकार से की।दोपहर में दून अस्पताल की ओपीडी से डॉक्टरों का मार्च शुरू हुआ। बड़ी संख्या में चिकित्सक एकजुट होकर अस्पताल से बाहर निकले और गांधी पार्क की ओर बढ़े। डॉक्टरों के हाथों में स्टाइपेंड की मांग से संबंधित पोस्टर और बैनर थे। मार्च के दौरान चिकित्सकों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।गांधी पार्क पहुंचने के बाद मार्च आगे बढ़ते हुए दर्शन लाल चौक तक पहुंचा। इस दौरान डॉक्टरों ने एकजुटता के साथ अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाया।
प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे अस्पताल में मरीजों की सेवा और चिकित्सा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन स्टाइपेंड को लेकर लंबे समय से स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। उन्होंने सरकार से नियमानुसार स्टाइपेंड का भुगतान सुनिश्चित करने और इस संबंध में जल्द ठोस निर्णय लेने की मांग की।डॉक्टरों के अनुसार स्टाइपेंड उनके लिए महज आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनकी मेहनत और सेवाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। प्रशिक्षण और ड्यूटी के दौरान उन्हें लंबे समय तक अस्पताल में सेवाएं देनी पड़ती हैं। ऐसे में समय पर और उचित स्टाइपेंड भुगतान की मांग की जा रही है।डॉक्टरों ने कहा कि वे अपनी मांग को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। उनका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करना नहीं, बल्कि शासन का ध्यान स्टाइपेंड से जुड़ी समस्या की ओर आकर्षित करना है।चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने सरकार से जल्द वार्ता कर समस्या का समाधान करने की मांग की।
डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि जब तक स्टाइपेंड से जुड़ी उनकी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रह सकता है।

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