
कहते है की अपने घर की शादी मे हज़ारो लोग इक्क्ठे हो जाते है लेकिन अगर बीमारी मे एक बॉटल खून की जरूरत पड़ जाये तो अंगुली पर गिने जाने वाले लोग भी टाइम पर नहीं पहुंचते लेकिन उत्तराखंड पुलिस की शान बन चूका शानवाज़ किसी की जान बचाने के अवसर को भूले से भी नहीं भूलता शाहनवाज़ को अगर किसी भी माध्यम से यह पता चल जाये की किसी जरुरतमंद को खून की दरकार है तो वाह ज़िंन की तरह से वहां पहुंच कर खून दे कर वापस लौट आता है ताज़ा मामला यह है की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आफिस मे तैनात शाहनवाज़ को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ग्राफिक ऐरा हॉस्पिटल में उपचाराधीन व्यक्ति को रक्त की आवश्यकता के सम्बंध में सूचना मिली तो किसी भी अपरिहार्य स्थिति अथवा संकट की घडी में सदैव आमजन की सेवा हेतु तत्पर रहने वाली उत्तराखंड पुलिस द्वारा एक बार फ़िर मित्रता, सेवा, सुरक्षा के मूल मंत्र को चरित्रार्थ करते हुए अपने मानवता के कर्तव्यों को अंजाम देने की मिसाल पेश कर दी आपको बता दे की दिनाँक : 16-07-25 व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राफिक ऐरा हॉस्पिटल देहरादून में उपचाराधीन एक व्यक्ति को रक्त की नितांत आवश्यकता है, जिस पर एस एस पी ऑफिस देहरादून में नियुक्त कॉ0 शाहनवाज द्वारा तत्काल ग्राफिक ऐरा हॉस्पिटल जाकर स्वेच्छा से रक्तदान करते हुए उपचाराधीन व्यक्ति की सहायता करते हुए उत्तराखंड पुलिस के मानवता के कर्तव्यों का निर्वहन किया गया।
जिस पर उपचाराधीन व्यक्ति के परिजनों द्वारा उत्तराखंड पुलिस की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए दून पुलिस का आभार व्यक्त किया गया।
उक्त जवान द्वारा इससे पूर्व भी 81 बार रक्तदान किया जा चुका है।

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