राष्ट्रीय दिया समाचार के एक जागरूक और सम्मानित पाठक ने हमारा ध्यान अपराध की मंडी बनते जा रहे सहसपुर क्षेत्र की तीन समस्याओ की तरफ आकर्षित कराया है आपका कहना है कि 1. सेलाकुई, शिमला बाईपास और सहसपुर क्षेत्र में बहुत से बुलेट सवार मोडीफाईड साइलेंसर का उपयोग धडल्ले से कर रहे हैं, जिससे बहुत अधिक ध्वनि प्रदूषण तो हो ही रहा है बुलेट से गोली की आवाज वाले पटाखे फोडकर राहगीरो और स्थानीय लोगो को डरा रहे है जिनमे से कुछ लोग तो HSRP के बजाय फैंसी नंबर प्लेटों का उपयोग कर रहे हैं, ताकि उन्हें पकड़ा न जा सके .दूसरे इन क्षेत्रों में अधिकांश केमिस्ट शॉप लगभग अशिक्षित और बिना कीसी डिग्री या डिप्लोमा के चला रहे है इतना ही नही ये कीसी कुशल चिकित्सक की मानिंद मरीजो का इलाज भी दवाई की पुडिया बनाकर कर रहे है इतना ही नही वे बिना किसी पर्चे के लोगों को दवा भी दे रहे हैं जिनमे नशीली गोलिया और कैप्सल तक शामिल होते है इन मैडिकल स्टोर पर क्षेत्र मे रहने वाले नवयुवक नशीली गोलिया खरीदते हुए नजर आते है लेकिन कभी भी स्वास्थ्य विभाग ने इन दुकान का सत्यापन करने की जरूरत नही समंझी इसके अलावा इस क्षेत्र मे अधिकांश मस्जिद लाउडस्पीकर तय समय सीमा से ज्यादा आवाज मे बजा रहे हैं, जबकि सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी धार्मिक स्थल लाउडस्पीकर नहीं बजा सकता लेकिन सम्बन्धित विभाग इसके खिलाफ को भी कार्यवाही करने से साफ बचते आ रहे है अब देखना ये हे कि इस खबर का प्रकाशन होने के बाद पुलिस विभाग और स्वास्थ्य विभाग इनपर कब कार्यवाई करता है और क्षैत्र मे रहने वाले सभ्य नागरिको की इस समस्या का निवारण करता है।

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