
राजीव भार्गव (राष्ट्रीय दिया समाचार ) देहरादून
स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मिलने के अगले ही दिन फिल्मी अंदाज में मंत्री सुबोध उनियाल चुपचाप दून अस्पताल पहुंच गए। मरीजों की समस्या जानने के लिए वो कतार में खड़े हो गए काफ़ी देर बाद सुरक्षा कर्मियों की नज़र पड़ी तो अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकरी दीं जिसके बाद अधिकारियों में खलबली मच गई। प्राचार्य डॉ. गीता जैन अपनी ओपीडी छोड़कर आनन-फानन माैके पर पहुंचीं। अधिकारियों से वार्ता के दाैरान फायर एनओसी ना मिलने पर मंत्री ने नाराजगी जताई। साथ ही आईजी फायर सर्विस को फोन कर जल्द से जल्द एनओसी की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।आपको बता दे की एक दिन पूर्व ही धन सिंह रावत से स्वास्थ्य मंत्रालय हटाकर सुबोध उनियाल को साैंपा गया और अगले दिन ही सुबोध उनियाल एक्शन में दिखे। दोपहर करीब डेढ़ बजे वो बिना प्रोटोकाल दून अस्पताल की व्यवस्था देखने पहुंच गए। उन्होंने अधिकारियों को भी इसकी भनक नहीं लगने दी। सामान्य तरीके से टीकाकरण केंद्र और लैब रिपोर्टिंग सेंटर में जाकर मरीजों के साथ खड़े हो गए। इससे पहले कि स्वास्थ्य मंत्री समस्याओं को समझ पाते सुरक्षाकर्मियों ने वॉकीटॉकी से सभी तलों पर इसकी सूचना प्रसारित कर दी।देखते ही देखते अस्पताल प्रबंधन का पूरा अमला माैके पर पहुंच गया। इस दाैरान स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों से अस्पताल के निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने पोस्टमार्टम हाउस के लिए आवंटित की गई जगह मेडिकल कॉलेज को सौंपने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। चिकित्सकों से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए सुझाव मांगे। उन्होंने अधिकारियों और चिकित्सकों से कहा कि स्वयं को मरीजों की जगह रखकर देखेंगे तो बेहतर सेवा दे पाएंगे


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