राजधानी देहरादून में एक तरफ डेंगू और वायरल का प्रकोप जारी है तो दूसरी तरफ बच्चों में एक संक्रामक रोग फैल रहा है, जिसके चलते बच्चों को बुखार, हाथ-पैर और मुंह में फफोले और छाले पड़ रहे हैं, जिससे खाना खाने में तकलीफ हो रही है. शहर के विभिन्न अस्पतालो में रोजाना 2 से 5 मरीज इस बीमारी के आ रहे हैं. इस बीमारी को एचएफएमडी ( Hand, foot and mouth disease) कहते हैं. जो कॉक्ससैकी नामक वायरस से फैलता है. यह जानकारी वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टर एस,के,झा ने दी
डाक्टर एस,के,झा ने बताया कि एचएफएमडी नाम का संक्रामक रोग बच्चों को अपना शिकार बना रहा है. इससे अपने बच्चों को बचाने के लिए जरूरी है कि साफ-सफाई का खास खयाल रखें. जितना हो सके दूषित वस्तुओं और किसी तो खाने पीने की वस्तु के संपर्क से दूर रखें.साथ ही साथ संक्रमित बच्चो को ज्यादा से ज्यादा तरल प्रदार्थ जैसे निम्बू पानी ओ आर एस नारियल पानी दे

HFMD के लक्षण
HFMD नाम की यह बीमारी 5 से 7 वर्ष के बच्चों में ज्यादा फैल रही है. जिन बच्चों का इम्यून सिस्टम कमजोर है, वे इस संक्रामक रोग की चपेट में जल्दी आ रहे हैं. इससे संक्रमित बच्चों में बुखार, मुंह में छाले, हाथ-पैर में फफोले, गले में दर्द और खाना खाने में परेशानी जैसे लक्षण पाए जाते हैं.
डाक्टर एस,के,झा ने HFMD से बचाने उपाय बताये
यदि कोई बच्चा पहले से संक्रमित है तो उसके संपर्क में दूसरे बच्चे को न आने दे.
संक्रमित बच्चे को मुंह पर रुमाल रखकर छींकना-खाँसना चाहिए.
संक्रमित बच्चे के साथ दूसरे बच्चे को खाना-पीना नहीं चाहिए.
संक्रमित बच्चे के कपड़े अलग गर्म पानी में धोने चाहिए.
बच्चे के इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए जरूरी न्यूट्रीशन देने चाहिए.बच्चे की साफ-सफाई का खास ख्याल रखें साथ ही संक्रमित बच्चे को हवादार कमरे मे रखना चाहिए साथ ही बच्चे के खाने पीने के बर्तन अलग रखने की सलाह दी ताकि संक्रमण को आगे बढने से रोका जा सके


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