*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्पेशल टास्क फोर्स की रणनीति एवं सतर्क टीम अब तक लगभग 06-07 लोगों की जान बचा चुकी हैं।*
*उत्तराखण्ड पुलिस ने मेटा कम्पनी (Facebook/Instagram/Whatsapp) को आभार/धन्यवाद दिया।*
मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देशो के क्रम में प्रदेश के निवासियों को साइबर अपराधियों द्वारा जनता से ठगी करने वालो पर सख्ती कार्यवाही एवं सोशल मीडिया पर निगरानी रखते हुए पुलिस महानिदेशक द्वारा एसटीएफ व साइबर पुलिस को प्रभावी कार्यवाही हेतु दिशा निर्देश दिये गये है ।
*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखण्ड द्वारा स्वंय साइबर थाने पर साइबर अपराध के अतिरिक्त सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।*
जिसके सम्बन्ध में *फेसबुक\META के नोडल अधिकारी से सम्पर्क कर पुलिस उपाधीक्षक अंकुश मिश्रा को एसटीएफ का नोडल अधिकारी बनाया गया।* जिस क्रम में राज्य में कोई भी आत्महत्या की शिकायत या प्रयास किये जाने सम्बन्धी सूचना ऑनलाईन माध्यम से प्राप्त होती है तो उसकी सूचना मेटा कम्पनी (फेसबुक,इन्सटाग्राम,व्हट्सएप) पर तुरन्त USA से कॉल के माध्यम से एवं मेल के जरिये पुलिस उपाधीक्षक साइबर को देती है।
इसी क्रम में दिनाँक 18-12-2023 को सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति (काल्पनिक नाम सचिन) द्वारा आत्महत्या का प्रयास किया जा रहा है जिस सम्बन्ध में उसके द्वारा इंस्टाग्राम में पोस्ट किया गया है। उक्त घटना जनपद उधमसिंह नगर से सम्बन्धित होने के कारण तत्काल ही उधमसिंह नगर के साथ वार्तालाप कर उनके अधिकारीयों *अपर पुलिस अधीक्षक श्री बीर सिंह एवं पुलिस उपाधीक्षक अनुषा बडोला जनपद उधमसिंह नगर से सम्पर्क किया गया।* जिनके द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए मौके पर पुलिस टीम रवाना की गयी। मौके पर पुलिस टीम के पहुँचने के उपरान्त यह तथ्य सामने आया कि जिस व्यक्ति द्वारा आत्महत्या का प्रयास किया जा रहा था उसकी कतिपय कारणों से मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण असमंजस में आकर आत्महत्या करने की बात को इन्सटाग्राम के माध्यम से पोस्ट कर शेयर किया गया। उक्त व्यक्ति सचिन (काल्पनिक नाम) को समझाया गया तथा उसे उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। वर्तमान में उक्त सचिन (काल्पनिक नाम) सही सलामत है, तथा अपने किए पर माफी मांग रहा है। उक्त व्यक्ति सचिन (काल्पनिक नाम) की अपर पुलिस अधीक्षक श्री बीर सिंह एवं पुलिस उपाधीक्षक अनुषा बडोला जनपद उधमसिंह नगर द्वारा काउंसलिंग की गई। सचिन (काल्पनिक नाम) द्वारा विश्वास दिलाते हुए बताया कि वह भविष्य में इस तरह का कदम नहीं उठायेगा। *इस पूरी प्रक्रिया में पुलिस उपाधीक्षक अंकुश मिश्रा, कांस्टेबल अनिल कुमार व दीपक चंदोला द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया।*
*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखण्ड द्वारा साइबर अपराध के साथ साथ अन्य मामलों में पैनी नजर रखते हुए मेटा कम्पनी को आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया है।*

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