August 30, 2025

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अजमेर पुलिस ने सुलझाई मदरसे मे हुई मौलाना की मौत की गुत्थी, गलत आदतो के चलते गई थी मौलाना की जान,गलत हरकतो के चलते नाबालिग पीडित बच्चो ने ही दिया था मौलाना की हत्या को अंजाम।

विम्मी ठाकुर (राष्ट्रीय दिया समाचार ) जयपुर

 

अजमेर। ईद के कुछ दिनों बाद ही अजमेर की एक मस्जिद में मौलाना के मर्डर का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने मदरसे के छह बच्चों को डिटेन किया जो मौलाना के साथ ही रहते थे। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि मौलाना की गंदी हरकतों से परेशान होकर ही उन्होंने मौलाना का कत्ल किया। पुलिस ने जब बच्चों मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की तो उन्होंने पूरा राज उगल दिया।

पुलिस की पूछताछ में नाबालिगों ने बताया- वे उसकी अश्लील और गन्दी हरकतों से परेशान थे। मौलाना उनके साथ कुकर्म करता था, धमकियां देता था। अजमेर एसपी देवेन्द्र कुमार विश्नोई के मुताबिक 26 अप्रैल की देर रात अजमेर के रामगंज स्थित दौराई कंचन नगर स्थित मोहम्मदी मदीना मस्जिद में मौलाना मोहम्मद माहिर (30) की हत्या हुई थी।

मामले से जुड़े तथ्यों के मुताबिक मौलाना माहिर करीब 7 साल पहले यहां रामपुर (UP) से यहां आया था। वो यहां रहकर बच्चों को पढ़ाता था। मौलाना का परिवार रामपुर में ही रहता है। यहां वो अकेले ही बच्चों के साथ रहता था। मस्जिद में मौलाना के साथ 15 बच्चे रहते थे। ईद के कारण सारे बच्चे अपने घर चले गए थे। ऐसे में यहां 5 बच्चे रह रहे थे।

मौलाना 25 अप्रैल को ही अपने साथ रामपुर से एक नाबालिग को लेकर आया था।
घटना वाली रात मौलाना ने अपने साथ आए नाबालिग के साथ गलत काम किया था। बच्चे ने जब यह बात लोगों को बताने की बात कही तो मौलाना ने उसे रुपयों का लालच देकर चुप करा दिया। जब इस नाबालिग ने मस्जिद में साथ रह रहे 5 अन्य नाबालिगों को इस घटना के बारे में बताया तो अन्य बच्चों ने भी उनके साथ गलत काम करने की जानकारी शेयर की। पता चला कि मौलाना सभी के साथ कई बार गलत हरकतें कर चुका है। मौलाना की धमकियों और डर के मारे बच्चे चुप रहे थे। इसके बाद सभी 6 बच्चों ने मिलकर मौलाना को मारने का प्लान बनाया था।

हत्या के बारे में पूछताछ की तो सामने आया कि 26 अप्रैल की रात करीब 8 बजे बच्चे पास ही एक मेडिकल की दुकान से नींद की गोलियां लेकर आए थे। रात दस बजे इस दौरान सभी ने बूंदी के रायते मे नींद की गोली पीस कर मिला दी थी। नाबालिगों ने प्लान बनाया कि आज रात कोई भी नहीं सोएगा।

कुछ समय बाद मौलाना माहिर मस्जिद में स्थित कमरे में जाकर सो गया। नाबालिग रात 2 बजे मस्जिद के पीछे गली मे रखे कबाड़ में से एक डंडा लेकर आए। कमरे में सो रहे मौलाना माहिर के सिर पर वार किया। ऐसे में चीखा और खड़ा होकर बैठने की कोशिश करने लगा। नाबालिगों ने उसको उल्टा पटक कर साथ में लाई रस्सी से मौलाना माहिर के गले मे फंदा लगाकर जोर से खीचा। कुछ समय बाद मौलाना माहिर हिलना- डुलना बंद हो गया।

 

 

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