March 11, 2026

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मुख्यमंत्री के आदेशो को ठेंगा दिखा रहा उतराखंड पेयजल निगम, लाखो रूपयो को खाने के बाद भी चालू नही किया नलकूप,बूंद बूद पानी को तरस रहे स्थानीय निवासी,विभाग की लापरवाही की सजा भुगत रहे सैकडो परिवार।

राजधानी मे गर्मी का आगाज होते ही पानी के स्रोत सूखने शुरू हो जाते है जिसके चलते जल स्रोतों से होने वाली पानी की सप्लाई सुचारू रूप से नही हो पाती हर साल गर्मीयो मे होने वाली इस परेशानी से निबटने के लिए सरकार ने स्थानीय लोगो की मांग पर उत्तराखंड पेयजल निगम को नलकूप लगाने का कार्य करने के लिए अगस्त 2022 में शासनादेश निर्गत किया था उक्त शासनादेश के बाद विभाग ने नलकूप का करीब 90 प्रतिशत कार्य पूरा कर दिया लेकिन शेष बचा 10 प्रतिशत कार्य पूरा ना होने के चलते उत्तर शाखा के आईटी पार्क जोन में नागल हटनाला, तरला नागल, सॉन्ग गांव आदि क्षेत्रों को पेयजल आपूर्ति नही हो पा रही है और ग्रीष्म ऋतु में उक्त मिनी नलकूप का स्राव कम हो जाने के कारण नलकूप से लाभान्वित क्षेत्र में ऊंचाई पर स्थित उपभोक्ताओं तक पेयजल आपूर्ति करना कठिन हो रहा है प्राप्त सूचना के अनुसार नलकूप में मोटर पंप असेंबली को लोअर तो किया गया है परंतु कंट्रोल पैनल आदि कार्य अभी तक पूर्ण नही किया गया हैं ,विभाग से पूर्व में उत्तराखंड पेयजल निगम को उक्त नलकूप को शीघ्र आरंभ कर वर्तमान पेयजल प्रणाली से जोड़े जाने हेतु पत्र भी निर्गत किया जा चुका है लेकिन इसके बावजूद अब तक भी नलकूप चालू नही हो पाया है जिसके कारण करीब एक हजार परिवार पानी की कमी से जूझ रहे है उचाई वाले घरो मे तो कई कई दिनो तक नल से एक बूंद भी पानी नही टपकता ऐसे परिवार पानी के लिए सरकारी टैंकर का मुंह ताकते रहते है जब इस बाबत हमने क्षेत्र की जिम्मदारी संभाल रहे जेई रॉबिन सैनी ने बताया की करीब 300 परिवार पानी की भयंकर कमी से जूझ रहे है जिनके लिए विभाग रोजाना 25 से लेकर 30 टैंकर पानी भेज रहा है जिसकी अनुमानित कीमत करीब बीस हजार के आसपास बैठने की संभावना है यदि यह ट्यूबवैल सुचारू रूप से अपना काम करना शुरु कर देता तो विभाग को लाखो रूपयो का चूना ना लगता इतना कुछ होने के बाद भी यदि उत्तराखंड पेयजल निगम इस छोटे से बचे काम को समाप्त कर इस नलकूप को शुरू कर दे तो जहा विभाग को टैंकर मालिको के बोझ से मुक्ती मिलेगी वही दूसरी और पानी की कमी से जूझ रहे सैकडो परिवारो को भी राहत मिलेगी।

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