June 25, 2026

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देहरादून आईएसबीटी के बाहर से सवारियां बैठाने व उतारने वाले वाहनों पर परिवहन विभाग ने की सख्त कार्यवाही, डाग्गमार बसों सहीत उत्तराखंड परिवहन विभाग एक बस को भी किया सीज़ !

आज परिवहन विभाग ने देहरादून आईएसबीटी एवं उसके आस-पास से सवारियां बैठाने व उतारने वाली बसों व अन्य यात्री वाहनों से हो रही यातायात की समस्या व अनाधिकृत रूप से संचालित हो रही प्राईवेट बसों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु एक विशेष चैकिंग अभियान चलाया यह अभियान प्रतिदिन दो पालियों में प्रातः 5.00 बजे से 9.00 बजे तथा रात्रि में 7.00 बजे से 11 बजे तक चलाया जा रहा है। संभाागीय परिवहन अधिकारी,(प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) देहरादून संभाग द्वारा दिये गये निर्देशों देहरादून, विकासनगर, ऋषिकेश, हरिद्वार एवं रूड़की के प्रवर्तन दलों, डायनमिक टास्क फोर्स, इंटरसेप्टर दल व बाईक स्क्वाड को इस हेतु तैनाती किया गया है। चैकिंग अभियान में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी(प्रवर्तन), परिवहन कर अधिकारी एवं परिवहन उप निरीक्षक की 12 टीमें सम्मिलित थीं।

चैकिंग अभियान में मुख्यतः आईएसबीटी या उसके आसपास मुख्य मार्ग के बाहर से प्राईवेट बसों द्वारा सवारियों को बैठाये जाने, सड़क के किनारे वाहन खड़ा कर यातायात बाधित करने तथा चैकिग में यह भी पाया गया कि विभिन्न प्राईवेट बसों द्वारा ऑनलाईन प्लेटफार्म के माध्यम से सवारियांें की बुकिंग की जा रही है किन्तु इस हेतु उनके द्वारा एग्रीगेटर लाईसेंस नहीं लिया गया है। ऐसे वाहनों के भी चालान कर एग्रीगेटर के विरूद्ध भी चालान की कार्यवाही की जा रही है। इसके अतिरिक्त बिना परमिट, बिना कर अदायगी, परमिट की शर्तों की उल्लंघन करने, यात्री सूची न होने आदि अभियोगों में भी बसांे के चालान किये गये।

उत्तराखण्ड ऑन डिमाण्ड(सूचना प्रौद्योगिकी आधारित) ठेकागाड़ी द्वारा परिवहन(संशोधन) नियमावली, 2024 के अनुसार उत्तराखण्ड राज्य में ऑनलाईन प्लेटफार्म के माध्यम से सवारियों की बुकिंग करने वाले एग्रीगेटर द्वारा परिवहन विभाग उत्तराखण्ड से एग्रीगेटर का लाईसेंस प्राप्त किया जाना अनिवार्य है। वर्तमान में ओला, उबर, रैपिडो आदि एग्रीगेटर द्वारा राज्य में संचालन हेतु एग्रीगेटर लाईसेंस प्राप्त किया गया है।

प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा आईएसबीटी व उसके आस-पास, टर्नर रोड़, हरिद्वार बाईपास आदि मार्गों पर सघन चैकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के तहत 75 बसों के चालान किये गये हैं जिसमें से 21 बसो ंको बन्द किया गया है।

अभियान के दौरान उत्तराखण्ड रोडवेज की बसों की भी चैकिग की गयी। चैकिंग के दौरान रोडवेज की भी एक बस के परमिट की वैधता मई 2024 में समाप्त पायी गयी, जिसको सीज किया गया। इस सम्बन्ध में परिवहन निगम के अधिकारियों को भी उनकी वाहनों के प्रपत्र वैध दशा में रखे जाने हेतु सूचित किया गया है।

 

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