
जिलाधिकारी श्रीमती सोनिका द्वारा अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों पर विशेष निगरानी बनाये रखने तथा किसी भी शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिए गए है। देहरादून रोड ऋषिकेश में स्थित मन्नत डायग्नोसिस सेंटर की लंबे समय से शिकायत प्राप्त हो रही थी कि वहां पर डॉ यू एस खरोला, जो सरकारी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट हैं, और सरकारी समय में अपना प्राइवेट क्लीनिक संचालित कर रहे है मरीजो के द्वारा ये भी बताया गया कि सरकारी चिकित्सालय से मरीजों को अपने निजी चिकित्सालय में भेजते है जिनका निजी चिकित्सालय के माध्यम से इलाज किया जाता है, साथ ही पीसीपीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत भी लगातार शिकायतें मिल रही थी, जिस पर जिलाधिकारी द्वारा उपजिलाधिकारी ऋषिकेश को विशेष निगरानी बनाए रखते हुए त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे।
जिलाधिकारी के निर्देशा के अनुपालन में उप जिलाधिकारी ऋषिकेश द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए आज तहसील ऋषिकेश के महिला कर्मचारी श्रीमती लक्ष्मी धनाई तथा श्रीमती प्रेरणा भट्ट को मन्नत डायग्नोस्टिक सेंटर देहरादून रोड ऋषिकेश में मरीज बनाकर जांच एवं परीक्षण हेतु भेजा गया।
उनकी सूचना के पश्चात उप जिलाधिकारी ऋषिकेश द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया गया। आकस्मिक निरीक्षण के दौरान पाया गया कि डॉ0 यू एस खरोला ,जो राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश में रेडियोलॉजिस्ट के पद पर कार्यरत हैं, के द्वारा अपना निजी क्लीनिक राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश के बाहर संचालित कर गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच एवं परीक्षण किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान समय अपराहन 12ः40 बजे डॉ खरोला द्वारा श्रीमती रूपा पत्नी श्री निर्मल सिंह निवासी चंद्रेश्वरनगर ऋषिकेश का अल्ट्रासाउंड करते हुए अल्ट्रासाउंड कक्ष में पाए गए जबकि जिस समय निजी क्लीनिक में अल्ट्रासाउंड किया जा रहा था, उस समय डॉ खरोला की उपस्थिति राजकीय चिकित्सालय में होनी चाहिए थी ।
उप जिलाधिकारी द्वारा सरकारी चिकित्सक द्वारा कार्यालय समय में निजी क्लीनिक में प्रैक्टिस करने तथा निजी क्लीनिक के अनियमित रूप से संचालित होने पर तत्काल डॉ प्रदीप कुमार चंदोला मुख्य चिकित्सा अधीक्षक राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश को मौके पर बुलाया गया। साथ ही कोतवाली ऋषिकेश से फोर्स बुलाई गई। नियम विरुद्ध संचालित के किए जा रहे मन्नत डायग्नोसिस सेंटर देहरादून रोड ऋषिकेश को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है । इसके साथ ही राजकीय चिकित्सक के कार्यालय समय में निजी क्लीनिक चलाने पर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की संस्तुति करते हुए जिलाधिकारी देहरादून को रिपोर्ट प्रेषित की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि उप जिलाधिकारी ऋषिकेश द्वारा उसके पश्चात राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश में रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण में पाया गया कि रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट में डॉक्टर खरोला का कक्ष खाली है । उनके कक्ष में ड्यूटी पर तैनात कार्मिक शैली पवार द्वारा जानकारी दी गई कि डॉ साहब काफी समय से अस्पताल में उपस्थित नहीं है। अभिलेखों का निरीक्षण किया गया तो दो पंजिका में प्रस्तुत की गई जिनमें क्रमश 8 और 26 मरीज दर्ज किए गए हैं जबकि मौके पर एक भी मरीज नहीं पाया गया, जबकि मन्नत सेंटर में निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मरीज एवं तीमारदार बैठे हुए पाए गए।


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