मसूरी कभी पहोडो की रानी के नाम से जानी जाती थी वजह थी वहा की आबोहवा के साथ-साथ सुंदर सडके तरकीब से बने काटेज नुमा मकान दूर दूर तक दिखाई देने वाले मनोरम पहाड लेकिन मसूरी मे आज कल आने वाले पर्यटक इसके उलट तस्वीर देखकर बरबस कह रहे है कि ये है मसूरी ? जिसका जिक्र अंग्रेजो के बाद देश विदेश के सैलानी करते थे वजह है जगह जगह खुदी सडके बेतरकीब फैला मलबा और सडको पर पसरा अतिक्रमण, जी हा पिछले कुछ समय से यही तस्वीर पर्यटक अपने दिलो दिमाग मे लेकर वापस जा रहे है, राष्ट्रीय दिया समाचार के कैमरे मे दिखने वाले वीडियो देख कर आप भी यह अंदाजा लगा सकते है कि वास्तव मे आज कल मसूरी के हाल कितने बदहाल है, जब इस बाबत हमने एसडीएम मसूरी शैलेंद्र नेगी से बात की तो उन्होने बताया कि पीडब्लडी मसूरी के सौंदर्यीकरण और सडक निर्माण का काम कर रही है जिसको पूरा करने की अंतिम तारीख 31मार्च तय है जिसके चलते विभाग इस कार्य को अंजाम दे रहा है लेकिन अगर हमारे पास कीसी व्यक्ति या संस्था की शिकायत आती है तो अवश्य कार्यवाही कि जायेगी ।

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