March 16, 2026

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कैंसर से जिंदगी के लिए जंग लड रही ज्योति को बुझने से पहले बचाना है, आप भी इस मुहिम का हिस्सा बनकर पुण्य के भागी बने।

ज्योति का नाम भले ही ज्योति हो लेकिन ज्योति का जीवन आज अंधेरे के आगोश मे समाने जा रहा है अपने जीवन के मात्र 30 बसंत देखने वाली ज्योति की जीवन ज्योति पर कैंसर रूपी अंधेरा दांत गड़ाये बैठा है मुफलिसी का जीवन जिने वाली ज्योति पिछले दो सालो से अपने मासूम बच्चे के साथ गरीबी की हद से नीचे रहकर अपना जीवन चला रही है अपने पति के कीसी और महिला के साथ फरार होने के बाद से ही अपने जीवन के सहारे बच्चे को पालने के लिए लोगो के घरो मे काम कर के अपना और अपने बच्चे का पेट पाल रही है ज्योति अपनी जमीर को जिंदा रखने के लिए ही गरीबी का जीवन जी रही है अगर वो अपना जमीर बेच देती तो उसके लिए मंहगी मंहगी गाडियो की लाईन लग जाती लेकिन इस जानलेवा बीमारी का पता चलने के बाद उसकी आस टूटती जा रही है ज्योति आजकल जौलीग्रान्ट अस्पताल के ज्योति का कार्ड नम्बर 3638147 के वार्ड नं=114 बैड=24 पर भर्ती है उसके इलाज के खर्चे मे कुछ लोगो ने सहयोग जरूर किया लेकिन वो सहयोग ऊंट के मुंह मे जीरा ही साबित हुआ जितना पैसा मिला वो सब टेस्ट कराने मे ही खत्म हो गया हिमालय हास्पिटल के डॉक्टरो का कहना है कि कम से कम तीन लाख रूपयो का इंतजाम करना पडेगा तब जाकर ज्योति की जान बचाई जा सकती है कोढ मे खाज इसे कहते है कि ज्योति के मायके की तरफ से भी कोई मदद करने के काबिल नही है ज्योति का भाई आटो चलाकर अपने परिवार का पेट बमुश्किल पाल रहा है बहन की क्या मदद करेगा पिछ्ल एक सप्ताह से बहन को लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के चक्कर लगाने के चलते उसका परिवार पर भी आर्थिक परेशानी से जूझ रहा है अब ज्योति को आप और हम लोगो का ही सहारा बचा है “राष्ट्रीय दिया समाचार ” इस सूचना को इस मक़सद से प्रकाशित कर रहा है कि समाज मे से कोई भामाशाह सामने आये और ज्योति के जीवन की ज्योति को बचाने का प्रयास करे इस खबर मे ज्योति के खाते का कयूआर कोड दिया गया गया जिसकी जितनी मर्जी हो उतने पैसे भेजकर ज्योति और उसके मासूम बच्चे की मदद कर पुण्य का भागी बन सकता है गौर तलब है कि कीसी मजलूम बिमार के इलाज मे उसकी मदद करना सबसे बडा पुण्य कार्य कहलाता है अतः सभी पाठको से अपील है कि ज्योति के खाते मे अपनी सुविधानुसार धनराशि भेजकर उसके जीवन को बचाने का प्रयास करे या ना करे लेकिन भगवान से उसको जीवनदान देने की प्रार्थना जरूर करे ।

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