
विपिन अग्रवाल (राष्ट्रीय दिया समाचार )देहरादून
राजधानी मे त्यौहारी सीजन क़ी शुरुवात होते ही पडोसी राज्यों से आने वाले फेरी करने ने नाम पर बंद घरों क़ी रेकी करने वालों क़ी बाढ़ सी आ गई है शहर से लेकर गांव देहात तक ये लोग बिना पुलिस सत्यापन और बिना वैध प्रमाणपत्रों के धड़ड़ले से घूम रहे है जहां एक तरफ पुलिस कर्मी स्थानीय लोगो को बिना हेलमेट के देखते ही लपक लेती है वही ये बाहरी पर्देशों से फेरी करने के बहाने आने वाले लोग हेलमेट और यातायात के नियमों क़ी धज़िया उड़ाते आसानी से नज़र आ जाते है आज हमारे संवाददाता ने एक फेरी वाले को रोक कर उससे उसके कागजात दिखाने को कहा तों उसका क्या कहना था आप खुद हो सुन कर अंदाजा लगा सकते है क़ी अगर यह किसी वरदात को अंजाम दे देता है तों पुलिस क़ी कितनी फाजिहत हो सकती है. क्युकि जब इसके आधार कार्ड को गूगलसर्च इंजन पर सर्च किया गया तों उस आधार कार्ड के नंबर का गूगल भी कोई जवाब नहीं दे पाया जिससे लगता है क़ी ये आधार कार्ड भी फ़र्ज़ी हो सकता है

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