मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि विवाद आम नागरिकों की समस्याओं से सीधे जुड़े होते हैं और इनके कारण कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए सरकार की प्राथमिकता है कि ऐसे विवादों का त्वरित, पारदर्शी और न्यायसंगत समाधान हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान संवेदनशील मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इस अभियान की प्रगति की समीक्षा मुख्य सचिव द्वारा प्रत्येक सप्ताह की जाएगी, ताकि तय समय-सीमा में लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित हो सके। समीक्षा के आधार पर आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) की अध्यक्षता में समितियों का गठन किया जाए। इन समितियों में संबंधित क्षेत्राधिकारी (सीओ) पुलिस एवं चकबंदी विभाग के अधिकारियों को भी सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा, ताकि प्रशासनिक, राजस्व एवं पुलिस समन्वय के माध्यम से विवादों का प्रभावी समाधान किया जा सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि इस विशेष अभियान से भूमि विवादों के शीघ्र निस्तारण के साथ-साथ आम जनता को राहत मिलेगी और शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।

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