गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड खाद्य सुरक्षा विभाग और नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया, नासवी की ओर से शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में सुरक्षित आहार परोसने (सर्व सेफ फूड) विषय पर स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के साथ प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की। जिसमें स्वच्छता पूर्वक स्ट्रीट फूड परोसने के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान स्ट्रीट खाद्य विक्रेताओं एवं खाद्य व्यवसायियों को खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता की जानकारी दी गई। विक्रेताओं को निजी स्वच्छता, साफ कपड़े, साफ एप्रन और बालों को ढक कर भोजन बनाने, कार्यस्थल की साफ सफाई, गुणवत्तापरक सामग्री का इस्तेमाल, भोजन में रंग या अन्य मिलावट न करने, अखबार में भोजन न परोसने के साथ पकवान बनाने तथा कचरा निस्तारण के लिए ढके हुए डस्टबिन का इस्तेमाल करने की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में सभी विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा किट जिसमें एप्रन, कैप, ग्लव्स, तौलिया, डस्टर दिए गए। ट्रेनिंग के बाद एफएसएसएआई की ओर से फोस्टक सर्टिफिकेट भी प्रदान किए गए।
दिल्ली से आई ट्रेनर सिया मिश्र ने बताया कि खाद्य सुरक्षा का पालन न करने पर विक्रेताओं पर सजा और मुआवजा का भी प्रावधान है। इसलिए गुणवत्ता वाले भोजन को ही बेचा जाए। ग्राहक के सेहत और सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। इससे उनका रोजगार भी बढ़ेगा। प्रशिक्षण कार्यशाला में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमिताभ जोशी ने प्रशिक्षण में आए सभी प्रतिभागियों को बताया कि यह प्रशिक्षण खाद्य विक्रेताओं के लिए एक मार्गदर्शक साबित होगा। कार्यशाला में कार्यक्रम समन्वयक नासवी राजीव उपाध्याय, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं संचार अधिकारी उदय सिंह रावत एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर सूरज रावत आदि मौजूद थे।

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