September 14, 2026

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आयोग की पहल पर सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का खाका हुआ तैयार,सफाई कर्मचारियों के नए स्थायी पद सृजित करने, रिक्त पदों पर भर्ती, 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कार्मिकों के विनियमितीकरण और कल्याण कोष की स्थापना पर हुई चर्चा.!

उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) भगवत प्रसाद मकवाना की पहल पर सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर बुधवार को पंचायती राज निदेशालय, आईटी पार्क देहरादून में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सफाई कर्मचारी यूनियनों के अध्यक्ष एवं महामंत्री, आयोग के सदस्यगण, नगर निकायों के आयुक्त तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी एवं विस्तारित क्षेत्रफल के अनुरूप मानकों के तहत पर्यावरण मित्रों एवं पर्यवेक्षकों के नए स्थायी पद सृजित किए जाने तथा समाप्त किए गए पदों को पुनः बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने नगर निगम, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों में सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती कराने की मांग रखी।

उन्होंने कहा कि मोहल्ला स्वच्छता समितियों तथा आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों को उपनल कार्मिकों की तर्ज पर समान वेतन उपलब्ध कराया जाए। दैनिक वेतन, कार्यप्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक एवं तदर्थ रूप से नियुक्त कार्मिकों में से विनियमितीकरण नियमावली-2025 के तहत 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को नियमित किए जाने की मांग भी रखी गई।

आयोग के उपाध्यक्ष ने सफाई कार्य में ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, मयूर विहार में वाल्मीकि छात्रावास एवं प्रशिक्षण केंद्र के लिए भूमि आवंटित करने, नमस्ते योजना के अंतर्गत सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई में लगे कर्मचारियों का पंजीकरण कराने तथा सफाई कर्मचारियों के लिए कल्याण कोष स्थापित करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। इसके साथ ही सफाई कर्मचारियों को भूमि एवं आवास की सुविधा, कैशलेस उपचार तथा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के स्थायी पदों का ढांचा स्वीकृत किए जाने की मांग रखी गई।

सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा ने कहा कि शासन एवं निकायों के तंत्र में सफाई कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पद सृजन सहित शासन स्तर से संबंधित विषयों को शासन के संज्ञान में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के वेतन बैंड को एक इंडेक्स से लिंक करते हुए अन्य कार्मिकों की भांति वेतन वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

 

उन्होंने सभी नगर आयुक्तों को निर्देश दिए कि आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों को भी निर्धारित मानकों के अनुसार वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है और निकायों में सफाई कार्य में लगे कार्मिकों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यदि कहीं सुरक्षा उपकरणों की कमी का मामला सामने आता है तो उसका तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

 

*हर सफाई कर्मचारी को ईएसआई, पीएफ और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश*

सचिव ने प्रत्येक सफाई कर्मचारी को ईएसआई सुविधा एवं पीएफ का लाभ सुनिश्चित कराने के लिए तत्काल समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को भूमि एवं आवास उपलब्ध कराने के संबंध में विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। निजी भूमि उपलब्ध होने वाले सफाई कर्मचारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना में वरीयता देने तथा भवन निर्माण कर आवास उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।

 

उन्होंने नगर निकायों के आयुक्तों को निर्देश दिए कि सभी सफाई कर्मचारियों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने के लिए अगले तीन माह में विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। साथ ही प्रत्येक सफाई कर्मचारी का वर्ष में कम से कम एक बार संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए और किसी बीमारी की पहचान होने पर समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के लिए जल्द ही कल्याण कोष की स्थापना भी की जाएगी।

 

बैठक के दौरान विभिन्न सफाई कर्मचारी यूनियनों के अध्यक्ष एवं महामंत्रियों ने सफाई कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं एवं मांगों को बैठक के समक्ष रखा। अधिकारियों ने सभी बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

बैठक में निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, मुख्य नगर आयुक्त देहरादून आलोक पांडेय, मुख्य नगर आयुक्त हरिद्वार नंदन कुमार, निदेशक पंचायती राज निधि यादव, प्रभारी सचिव सफाई कर्मचारी आयोग विनोद कौर सहित प्रदेश के 12 सफाई कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष, महामंत्री एवं आयोग के सदस्यगण उपस्थित रहे।

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