मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और डीएमके सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने शनिवार को बेहद आपत्तिजनक बयान दिया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म मलेरिया और डेंगू की तरह है और इसलिए इसे खत्म किया जाना चाहिए, न कि केवल इसका विरोध किया जाना चाहिए। उदयनिधि स्टालिन सनातन धर्म को मिटाने के लिए आयोजित एक सम्मेलन में बोल रहे थे।जिसके बाद से ही देश भर मे सनातन धर्म को मानने वालो मे गुस्से का उबाल आना स्वभाविक है इसी के चलते उतराखण्ड की राजधानी से सटे मंसूरी वासियो मे भी गुस्सा दिखाई पड रहा है जिसके चलते मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले सैकडो की तादाद मे जुलूस निकाल कर नारे बाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया इस मौके पर मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि सनातन धर्म, हिंदू धर्म के वैकल्पिक नाम से भी जाना जाता है। वैदिक काल में भारतीय उपमहाद्वीप के धर्म के लिये सनातन धर्म नाम मिलता है। ‘सनातन’ का अर्थ है – शाश्वत या ‘सदा बना रहने वाला’, अर्थात् जिसका न आदि है न अन्त है ऐसे सनातन धर्म को समाप्त करने की बात कहने वाले न जाने कितने तुर्रमखाः मिट्टी मे मिल चुके है उन्होने ये भी कहा कि उदयनिधि द्वारा हेट स्पीच एक गंभीर अपराध है, जो देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को प्रभावित कर सकता है, अतः सुप्रीम कोर्ट को सुओ मोटो (स्वतः संज्ञान) लेकर कार्यवाही करनी चाहिये इसके बाद उपस्थित जन-समूह ने उप जिलाधिकारी के माध्यम से से एक ज्ञापन सांसद राज्य सभा नरेश अग्रवाल को भेज कर निवेदन किया की जल्द से जल्द राज्य सभा में इस पूरे कथन का निन्दा प्रस्ताव आपके द्वारा लाया जाएगा इस मौके पर मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के
रजत अग्रवाल,जगजीत कुक्रेजा ,नागेन्द्र उनियाल ,अतुल अग्रवाल,सलीम अहमद सहित सैकडो लोगो ने भाग लिया।
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