अब बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता केसरिया टोपी पहने नजर आएंगे , उत्तराखंड और गुजरात से है खास कनेक्शन….
दिल्ली : जी हाँ इस टोपी का उत्तराखंड और गुजरात से ख़ास कनेक्शन हैं सबसे पहले पहाड़ी टोपी पीएम ने पहनी जिसे गुजरात में बीजेपी वालों ने री डिजाइन किया और अब ये ही बीजेपी की official टोपी होगी।
बीजेपी सांसद और नेता अब केसरिया टोपी में नजर आएंगे। बीजेपी कार्यकर्ता की पहचान बनने जा रही इस केसरिया टोपी को पार्टी अपने सभी सांसदों तक पहुंचा रही है। पीएम मोदी भी इस टोपी को पहन चुके हैं।
बीजेपी के सांसद और कार्यकर्ता अब आपको केसरिया रंग की टोपी में नजर आएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने अहमबदाबाद में रोड़ शो के दौरान ये टोपी पहनी थी। अब इस टोपी को सभी बड़े नेताओं के अलावा बीजेपी के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को भेजा जा रहा है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ये टोपी ही बीजेपी कार्यकर्ताओं की पहचान बनेगी।

बीजेपी संसदीय दल कार्यालय को ये जिम्मेदारी दी गई है कि वो हर भाजपा सांसद के पास ये टोपी पहुंचाए। लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर बीजेपी के सभी 400 सांसदों को ये टोपी और साथ में एक किट पहुंचाई जा रही है। इस किट में बीजेपी के निशान वाली पांच टोपियों के अलावा पोषक शक्ति बढ़ाने वाले चॉकलेट हैं। माना जा रहा है कि भाजपा सांसद सार्वजनिक तौर पर ये टोपी लगाएंगे।
इसके अलावा बीजेपी के कर्मठ कार्यकर्ता भी केसरिया टोपी और खेस पहना करेंगे जिसे अंगवस्त्र या गमछा भी कहा जाता है। जानकारी के मुताबिक गुजरात बीजेपी ने खास तौर पर ये टोपी तैयार करवाई है। इस नई टोपी के डिजाइन में ब्रम्हकमल का फूल है जिसे उत्तराखंड से लिया गया है। इस बार गणतंत्र दिवस की परेड़ में भी पीएम मोदी ने ये टोपी पहनी थी।

दरअसल ये केसरिया टोपी भारतीय जनता पार्टी और उसकी विचारधारा से जुड़ी हुई है। आजादी से पहले आरएसएस के कार्यकर्ता केसरिया रंग की टोपी पहना करते थे। उसी टोपी को अब बीजेपी अपनी पहचान बनाने जा रही है। बीजेपी ने केसरिया टोपी में कमल का फूल लगाकर आधिकारिक तौर पर इस टोपी को अपनी पार्टी क पहचान घोषित कर दी है।


More Stories
पहाड़ो की रानी मसूरी पहुंचे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, एलबीएस अकादमी में आईएएस प्रशिक्षुओं के समारोह मे बने मुख्य अतिथि.!
देहरादून पुलिस की पुलिस की त्वरित कार्यवाही और सघन चेकिंग का दिखा परिणाम,पटेलनगर पुलिस ने फायरिंग की घटना में शामिल अभियुक्त को चंद घंटों में ही वाहन सहित किया गिरफ्तार.!
सिटी फॉरेस्ट के बाद पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एमडीडीए का एक और सफल कदम ,मियांवाला स्थित जौहड़ की भूमि का 8.63 करोड़ की लागत से किया सौंदर्यीकरण,कया कल्प के बाद पुराने जलस्रोत को मिला नया जीवन,जल-सृष्टि पार्क में जल संरक्षण के साथ आमजन के लिए आधुनिक सुविधाएं मौजूद !