सोनू कुमार (राष्ट्रीय दिया समाचार) नैनीताल
उत्तराखण्ड में नैनीताल के एक गांव में बरसात आते ही सड़क दलदल में तब्दील हो जाती है और गांव के लोगों का शहर से सीधा संपर्क तीन महीने के लिए टूट जाता है। गांव के लोग सरकार और प्रशासन से गुहार लगाते लगाते थक गया है और अब अगर आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।
नैनीताल जिले में पहाड़ी क्षेत्र के पजाना धैना निगरानी मोटर मार्ग के हाल खस्ता हैं। बरसात के दिनों में यहां के किसानों को बाजार में कच्चा अनाज, फल और सब्जी छोड़नी और जरूरत का समान लाना मुश्किल हो जाता है। इस क्षेत्र में लोगों को बरसाती सीजन में तीन-चार महीने पहले से ही राशन, खाने-पीने का सामान आदि को अपने घर में स्टोर कर रखना पड़ता है। यहां से बरसातों के दिनों में पड़ने वाले फल और सब्जी के सीजन में सड़क खतरनाक होने के कारण हल्द्वानी मार्केट तक समय से नहीं पहुंच पाते हैं। यहां के किसानों की आजीविका केवल फल और सब्जी पर ही आधारित है। कैड़ा गांव से धैना कुकना मोटर मार्ग है, जिसे पक्का बनाने के लिए पिछले कई वर्षों से आवाज उठाई जा रही है। इस मामले को लेकर ग्रामीण जिलाधिकारी, कुमाऊं कमिश्नर, पी.डब्ल्यू.डी.में लिखित और मौखिक रूप से शिकायत दर्ज कर चुके हैं। बीते 15 वर्षों से केवल 4 किलोमीटर डामरीकरण का कार्य होना बांकी है। कीचड़ भरे कच्चे मोटर मार्ग में भारी वाहनों के अलावा हल्के वाहनों के भी चक्के फंस रहे हैं।



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