गोपेश्वर (चमोली)। मानसून सीजन में पहाड़ों में नदियों का जल स्तर भी बढ़ने लगता है जिससे बाढ़ की हालत पैदा हो जाती है। बाढ़ के समय राहत और बचाव को लेकर सीआईएसएफ, टीएचडीसी, चिकित्सा अधिकारियों और स्थानीय पुलिस की ओर से बदरीनाथ हाइवे पर बिराही में वीपीएचईपी परियोजना के टीआरटी आउटलेट पर बाढ़ प्रतिक्रिया पर एक बहु-एजेंसी संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई है। जिसमें बाढ़ में फंसे लोगों को राहत और बचाव का प्रशिक्षण दिया गया।
सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट विश्वनाथ अवुति के नेतृत्व में, सीआईएसएफ इकाई टीएचडीसी वीपीएचई पीपलकोटी के 15 कर्मियों के साथ-साथ टीएचडीसी वीपीएचईपी पीपलकोटी के सुरक्षा विभाग, चिकित्सा अधिकारियों और स्थानीय पुलिस ने इस मॉक ड्रिल में भाग लिया। अलकनंदा नदी के बाढ़ में डूबने की सूचना मिलते ही इमरजेंसी सायरन बजा दिया गया और एजेंसियां मौके पर पहुंच गई हैं। तथा बचाव कार्य आरंभ किया गया। इसके बाद एक ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया गया और प्रतिभागियों को बाढ़ के समय की जाने वाली तैयारियों, सावधानियों और कार्रवाई के तत्काल कदमों के बारे में जागरूक किया गया। यह अभ्यास विभिन्न एजेंसियों की आपदा तैयारियों की जांच करने और जनता के बीच जागरूकता फैलाने के लिए आयोजित किया गया था।

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