
महादेवी कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज देहरादून में आज बाल दिवस के उपलक्ष में विद्यालय प्रांगण में बाल दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें छात्राओं के साथ ही विद्यालय के अध्यापिकाओं कर्मचारी इत्यादि ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। सरस्वती वंदना से प्रारंभ हुआ कार्यक्रम . विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉक्टर सीमा रस्तोगी ने अवगत करवाया कि उक्त कार्यक्रम 14 नवंबर को आयोजित किया जाता है लेकिन दीपावली अवकाश के कारण यह कार्यक्रम आज आयोजित किया गया कार्यक्रम में सर्वप्रथम सरस्वती वंदना की गई और कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। प्रधानाचार्य ने अवगत करवाया कि कार्यक्रम प्रारंभ होने के पश्चात विद्यालय के छात्र कुमारी बुशरा ने बाल दिवस पर अपने विचार व्यक्त किया। सामाजिक कुरीतियों पर नाटक के माध्यम से जागरूक करने का प्रयास किया गया। कक्षा 8 से 12 तक की छात्राओं ने सामाजिक कुरीति यो दहेज प्रथा, भूण हत्या के साथ ही उपभोक्ता संरक्षण इत्यादि ज्वलंत विषयों पर लघु नाटिकाये प्रस्तुत कर सभी को जागरूक करने का बड़ा सुंदर प्रयास किया छात्राओं ने बैनर पोस्टर चित्रकला, निबंध आदि के माध्यम से अपनी भावनाएं प्रकट की।
बच्चों ने लगाई छोटे-छोटे स्टॉल
बच्चों ने खाने-पीने के छोटे-छोटे स्टॉल लगाकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया
खेलकूद। छात्राओं का उत्साह वर्धन के लिए विद्यालय की अध्यापिकाएं कर्मचारीयों आदि में दौड़ रिले रेस हैंडबॉल आदि खेलकूद किया जिसका सभी छात्राओं ने ताली बजाकर अभिवादन किया
बच्चों का होता है सर्वांगीण विकास
हम तुम्हें प्रधानाचार्य ने सभी का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है और एक दूसरे को समझने का अवसर प्रदान होता है उन्होंने कहा निकट भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम जारी रहेंगे इस अवसर पर डॉक्टर सीमा रस्तोगी सुषमा गोयल अनीता नेगी निमिषा शिप्रा जुगराण सुमन शर्मा नारायणी रीना अग्रवाल अर्चना पंत सोनम राणा सुनीता नौटियाल लीना पवार लता राणा के साथ ही सतीश खत्री अनिल रावत सुरेश पाल अतुल शर्मा रामराज संजय गर्ग आदि उपस्थित रहे


More Stories
भारी मात्रा मे नशीले कैप्सूल/टेबलेट के साथ 2 नशा तस्करो को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए प्रदान की ₹ 213 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति मुख्यमंत्री ने बताई सामूहिक प्रयासों की जरूरत, उत्तराखण्ड की संस्कृति और जीवन शैली का प्रकृति के साथ रहा है गहरा जुड़ाव – मुख्यमंत्री