वैसे तो मेक्स हास्पिटल और विवादो का चोली दामन का नाता है चाहे वह कर्मचारियो के शोषण का हो या फिर कीसी मरीज के परिजनो के साथ की जाने वाली बदसलूकी का हो लेकिन इस फाईव स्टार होटल प्रबंधन पर कोई फर्क नही पडा लेकिन लगता है अब मैक्स हास्पिटल की मुसीबत बढने वाली है मामला कोविड के दौरान एक बुजुर्ग के इलाज में गलत बिल से संबंधित है। विशाल अग्रवाल निवासी अकेता एवेन्यू, नालापानी, डालनवाला ने अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम) तृतीय को शिकायत की थी कि “उनके पिता मैक्स अस्पताल में 29 अप्रैल से चार मई 2021 तक भर्ती रहे थे। उन्हें कोरोना हुआ था। इसके बाद मैक्स अस्पातल की ओर से उन्हें 60 हजार रुपये का बिल थमा दिया गया। यह बिल बहुत अधिक था और सरकार के नियमों के खिलाफ था।”

न्यायालय ने अग्रवाल के प्रार्थनापत्र को स्वीकार करते हुए मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुनीत त्यागी और डॉ. वैभव छाचर के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

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