January 20, 2026

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96000रूपयो संग निकला था नेपाल के लिए रास्ते मे पडा शराब का ठेका,बस फिर क्या कुमार पन्नु टुन्न,,,,,

 

नेपाल से आकर उत्तरकाशी मे कई महीने तक पति पत्नि ने मजदूरी कर के पाई पाई जोड कर 96000 रूपये कमाकर वापसी के लिए निकले तो जरूर मगर विकासनगर ने शराब के ठेके ने नेपाली को बस से उतरकर सोमरस का स्वाद लेने को मजबूर कर दिया बस फिर क्या था अंट्टे मे माल था तो जम कर सोमरस का स्वाद लिया और इतना लिया कि ना खुद की होश रही ना बीवी की नशे की हालत मे सडक पर मकोडा बन कर घुमना शुरू कर दिया और नशे की पराकाष्ठा पर पहुंच कर बेहोश हो गया तो स्थानीय व्यक्ति द्वारा चौकी बाजार विकासनगर को सूचना दी गई की एक व्यक्ति चर्च के पास दिनकर बिहार मैं नशे की हालत में रोड पर में पड़ा हुआ है। जिसके पास संभवत कुछ पैसे भी हैं। वह व्यक्ति अत्यधिक शराब के नशे में हैं। तथा होश में नहीं है सूचना पर चीता कर्मचारी गण तत्काल मौके पर पहुंचकर उक्त व्यक्ति को प्राथमिक उपचार हेतु सीएचसी विकासनगर ले गए। जहां पर चिकित्सकों के द्वारा उस व्यक्ति का उपचार किया गया। उक्त व्यक्ति को चौकी लाया गया। परंतु उक्त व्यक्ति अपना नाम पता नहीं बता पा रहा था। उक्त व्यक्ति के पास से ₹96000 व एक मोबाइल फोन प्राप्त हुआ मोबाइल फोन से प्राप्त उक्त व्यक्ति के पत्नी से वार्ता कर चौकी हाजा बुलाया गया जिसके द्वारा बताया गया कि यह व्यक्ति मेरा पति है। मैं अपने पति के साथ उत्तरकाशी से देहरादून के लिए जा रही थी वहां से हमें नेपाल के लिए जाना था। मेरा पति विकासनगर शराब के ठेके के पास उतर कर शराब लेने के लिए चला गया तथा मेरी आंख लग गई थी। मैं बस से देहरादून निकल गई। उक्त व्यक्ति का नाम पता पूछा तो उसने अपना नाम कुमार पुन्न पुत्र मैंतो ग्राम राती जिला रोल्पा नेपाल हाल निवासी ग्राम साकरी तहसील मोरी जिला उत्तरकाशी बताया जिसके पास कुल ₹96000 पाए गए उक्त व्यक्ति की पत्नी सुनपरा दोनों को रात्रि वक्त होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से खाने और रहने की व्यवस्था कर होटल में रुकवाया गया। आज दिनांक 16.11. 22 को कुमार उपरोक्त व उसकी पत्नी को उनके पैसे 96000 रुपए देकर सकुशल उनके घर रवाना किया गया। उक्त व्यक्ति की पत्नी द्वारा विकास नगर पुलिस की भूरी भूरी प्रशंसा की गई तथा बताया कि सर यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो मेरा पति नशे की हालत में यह रकम कहीं खो देता। यह हमारी कई महीनों की मजदूरी की कमाई थी लेकिन कुमार पन्नु के चेहरे पर दुख या मलाल के बदले व्यंग्य की हसी साफ बता रही है कि भले ही कुछ भी हुआ हो पर मजा बहुत आया ।

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