चारो धाम की रक्षक मानी जाने वाली मां धारी देवी की मूर्ति नव निर्मित स्थान पर श्रद्धा भाव के साथ स्थापित कर दी गई। सिद्धपीठ माता धारी देवी श्रीनगर के पास अलकनंदा गंगा के बीच स्थित हैं। श्रीनगर जल विद्युत प्रोजेक्ट द्वारा डूब क्षेत्र में आ जाने की वजह से मंदिर को ऊंचे पिलर बनाकर शिफ्ट करने के दौरान मां धारी की मूर्ति हटाने और प्रलय आने की चेतावनी यहां के पुराने लोग देते रहे हैं। जून 2013 में जिस दिन उक्त मंदिर और मूर्ति को तकनीक के सहारे अपलिफ्ट किया गया था उसके अगले दिन ही केदारनाथ और गढ़वाल में भयंकर आपदा आ गई थी ,मंदिर को अब नए स्वरूप में ढाल दिया गया है। अस्थाई स्थान पर अभी तक मां की पूजा अर्चना हो रही थी अब मंदिर में पुनः माता की मूर्ति को स्थापित करने का कार्यक्रम प्राण प्रतिष्ठा और भंडारे के बाद संपन्न हो गया है। मां धारी देवी के पुजारी न्यास ने मां के कुल परिवारों को इस दिन यहां आमंत्रित किया गया है जिनमें शिक्षा स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत भी मौजूद रहे हैं। करीब नौ साल के बाद मां धारी देवी की विधि-विधान के साथ पुनर्स्थापना का सेवा कार्य पूर्ण हो गया और माँ धारी देवी अपने नवनिर्मित मंदिर में विराजमान हो गई।
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