
मानसून सत्र के दृष्टिगत सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से आरटीओ (प्रवर्तन), देहरादून द्वारा आज देहरादून शहर में विशेष सघन प्रवर्तन एवं वाहन जांच अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत अजंता चौक से कैनाल रोड, ई.सी. रोड–सर्वे चौक, लैंसडाउन चौक तथा कनक चौक सहित प्रमुख मार्गों एवं चौराहों पर वाहनों की व्यापक जांच की गई।
इस विशेष अभियान में कुल पाँच टीमों को तैनात किया गया, जिनमें एक इंटरसेप्टर टीम, दो प्रवर्तन टीमें तथा मुख्यालय की दो बाइक स्क्वाड टीमें शामिल रहीं। सभी टीमों ने समन्वित रूप से विभिन्न स्थानों पर सघन जांच अभियान चलाकर यातायात नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराया।
अभियान में इंटरसेप्टर देहरादून की ओर से परिवहन कर अधिकारी सुश्री प्रज्ञा पंत एवं उनकी टीम, डायनेमिक टास्क फोर्स की ओर से परिवहन कर अधिकारी श्री एम. डी. पपनोई, परिवहन कर अधिकारी सुश्री अनुराधा पंत एवं उनकी टीम तथा मुख्यालय की दो बाइक स्क्वाड टीमों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
मानसून के दौरान सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहनों के ब्रेक, हैंड ब्रेक, टायरों की स्थिति, वाइपर, इंडिकेटर, फॉग लाइट तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की विशेष रूप से जांच की गई। साथ ही दोपहिया वाहन चालकों द्वारा बीआईएस/आईएसआई प्रमाणित मानक हेलमेट के उपयोग को सुनिश्चित कराया गया तथा वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं जागरूकता भी प्रदान की गई।
अभियान के दौरान मोटर वाहन अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल 92 चालान किए गए, जबकि गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर 8 वाहनों को सीज किया गया।
इस अवसर पर आरटीओ (प्रवर्तन), देहरादून डॉ. अनीता चमोला ने कहा कि वर्षा ऋतु में सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं, दृश्यता कम हो जाती है तथा वाहन संचालन के दौरान दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में प्रत्येक वाहन चालक की जिम्मेदारी है कि यात्रा प्रारंभ करने से पहले अपने वाहन के ब्रेक, हैंड ब्रेक, टायर, वाइपर, इंडिकेटर एवं फॉग लाइट सहित सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की अच्छी तरह जांच कर लें। उन्होंने कहा कि वाहन की तकनीकी स्थिति सही होना सुरक्षित यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण आधार है।
उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से केवल बीआईएस/आईएसआई प्रमाणित मानक हेलमेट का ही उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि मानक हेलमेट दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोटों से सुरक्षा प्रदान करता है और जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने, सीट बेल्ट एवं हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने, नशे की अवस्था में वाहन न चलाने तथा मानसून के दौरान अतिरिक्त सावधानी एवं संयम के साथ वाहन चलाने का आग्रह किया।
डॉ. अनीता चमोला ने कहा कि परिवहन विभाग का उद्देश्य केवल प्रवर्तन कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जन-जागरूकता के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और प्रत्येक नागरिक की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है और जनसहयोग से ही दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा भविष्य में भी ऐसे विशेष प्रवर्तन एवं जागरूकता अभियान निरंतर संचालित किए जाते रहेंगे।

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